बुलंदशहर गैंगरेपः आजम खान को अपना ही बयान पड़ा भारी, कोर्ट की फटकार के बाद मांगी माफी
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बुलंदशहर में नेशनल हाईवे 91 पर मां-बेटी से हुए गैंगरेप में बृहस्पतिवार(17 नवंबर) को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान से माफी मांगने को कहा है।
गौरतलब है कि 29 जुलाई को हाईवे पर मां-बेटी के साथ हुई हैवानियत के बाद सपा विधायक और यूपी के शहरी विकास मंत्री ने गैरजिम्मेदाराना बयान दिया था। उन्होंने इसमें भी राजनीति ढूंढते हुए गैंगरेप को राजनीतिक साजिश करार दिया था।
उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई थी और पीड़ित परिवार ने आजम खान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी।
हलफनामा दाखिल कर कहा हर हलफनामे के लिए तैयार हूं
वहीं इस मामले में आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके कहा कि रेप पीड़ितों के दर्द को पूरी तरह समझते हैं। हलफनामे में उन्होंने कहा कि वो मंत्री के तौर पर और निजी रूप से उनकी हर मदद करने के लिए तैयार हूं।
उन्होंने हलफनामे में आगे कहा है कि, उन्होंने कभी भी रेप पीड़ितों पर सवाल नहीं उठाए न ही उनके खिलाफ कुछ बोला। वो कभी ऐसे घृणित अपराध की शिकार महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने की सोच भी नहीं सकते। मैं सालों से समाजसेवा में हूं और एक यूनिवर्सिटी भी बनाई है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करती है।
आजम खान ने अपने हलफनामे में ये भी कहा है कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि यह राजनितिक साजिश है। उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। इस जवाब के सबूत के रूप में आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में सीडी भी दी है।
अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि उनका कभी उद्देश्य नहीं रहा कि वो किसी पीड़ित महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाएं। वो रेप पीड़ितों का दर्द समझते हैं। दाखिल अर्जी में सारे आरोप बेबुनियाद हैं। अर्जी खारिज की जाए।