अंतरराष्ट्रीय बदनामी से बचने के लिए सऊदी अपना रहा ये ट्रिक!
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सऊदी अरब अब छीछालेदर से बचना चाहता है। उसे पता है कि राजनयिक प्रतिरक्षा खत्म होने पर उसके डिप्लोमेट की गिरफ्तारी होगी।
इससे न केवल दुष्कर्म के आरोपों की पुष्टि होगी, बल्कि उसकी दुनिया में बदनामी भी होगी। यही कारण है कि वह आरोपी को बतौर राजनयिक मिली प्रतिरक्षा को खत्म नहीं करना चाहता।
सऊदी अरब से सहयोग न मिलने के बाद अब भारत आरोपी राजनयिक के निष्कासन पर विचार कर रहा है। सऊदी अरब न तो आरोपी का पुलिस के समक्ष गवाही में सहयोग करने के लिए तैयार है और न ही उसे बतौर राजनयिक मिली कवच ही खत्म करना चाहता है।
उधर, गुड़गांव पुलिस की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में दुष्कर्म और मारपीट की पुष्टि के बाद नेपाल ने राजनयिक के खिलाफ कार्रवाई को दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बदनामी से बचने की कोशिश
नेपाली दूतावास ने इसे संवेदनशील मुद्दा बन जाने का हवाला देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब इस मामले में अंतिम विकल्प को आजमाने के लिए विदेश मंत्रालय को सरकार के संदेश का इंतजार है।
हालांकि सरकारी सूत्रों ने मामले को निपटारे के लिए दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर प्रयास शुरू होने की भी पुष्टि की है। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनामी से बचने के लिए राजनयिक को कानून का सामना कराने से बचा रहा है।
वह भारत को इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने देना नहीं चाहता। उल्लेखनीय है कि राजनयिक कवच खत्म होने के बाद आरोपी राजनयिक को भारतीय कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
सूत्रों के मुताबिक मामले का हल निकालने की विदेश मंत्रालय की अब तक की कोशिश नाकाम रही है। भारत ने बृहस्पतिवार को आरोपी राजनयिक की मिली बतौर राजनयिक कवच को खत्म करने की मांग की थी।
सीसीटीवी की डीवीआर से नहीं मिल पाया डाटा
इसके 24 घंटे बाद भी सऊदी अरब दूतावास ने भारत के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया है। सूत्रों के मुताबिक अब इसके लिए अंतिम विकल्प राजनयिक का निष्कासन ही है।
डीएलएफ फेस-2 थाना पुलिस ने छापेमारी के बाद राजनयिक के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया है, मगर कानूनी दांव-पेच में उलझी पुलिस उधर जाने से कतरा रही है। दूसरी ओर महिला थाना पुलिस की ओर से पूरी जांच प्रक्रिया की स्क्रीनिंग की जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आवास पर लगे छह सीसीटीवी से जुड़े डिजीटल वीडियो रिकॉर्डर को कब्जे में लिया था, लेकिन इससे डाटा निकालने में कामयाब नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी से जुड़ी डीवीआर की हार्ड डिस्क करप्ट हो गई है।