फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   sardaar jokes 100 carore business in a year

सरदारों के चुटकुलों पर सौ करोड़ का कारोबार, बने सख्त कानून

Tue, 03 Nov 2015 01:56 PM IST
Updated Tue, 03 Nov 2015 01:56 PM IST
विज्ञापन
sardaar jokes 100 carore business in a year

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सिखों पर चुटकुले बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की है। कमेटी का कहना है कि 1980 के दशक में कांग्रेस सरकार की सिखों के प्रति गलत नीतियों के कारण ही सिखों के खिलाफ संता-बंता के नाम से चुटकुले बनाने की परिपाटी शुरू हुई।

विज्ञापन


प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने प्रेस कॉंफ्रेंस में बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के आरोपी सतवंत सिंह को संता और बेअंत सिंह को बंता कहकर सिख भावनाओं को चोट पहुंचाने का सिलसिला एक साजिश के तहत कांग्रेस ने शुरू किया।
विज्ञापन


इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने वाली वकील हरविंदर कौर चौधरी भी इस मौके पर मौजूद थीं। कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि 84 दंगा को 31 साल बीत गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या किसी ने किसी सिख का दर्द पूछा है?

sardaar jokes 100 carore business in a year

शर्म की बात है कि एक भी साहित्यकार ने अपने अवार्ड को नहीं लौटाया। उन्होंने पूछा कि क्या लेखकों का भी कोई धर्म होता है। सिख दंगा देश के लिए शर्म की बात है। सिरसा ने सभी राजनीतिक पार्टियों पर अल्पसंख्यकों का शोषण करने का आरोप लगाया।


उन्होंने पूछा कि क्या किसी ने किसी सिख का दर्द पूछा है? किसी पीड़ित सिख बच्चे को सरकारी नौकरी दी है? चुटकुला बनाकर रोज उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया जाता है।

कमेटी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछा है कि देश में पैदा हुए असहिष्णुता भरे माहौल पर तो वह राष्ट्रपति से मिलने गईं। क्या  सिखों को मजाक का पात्र बनाने की कोशिश करने की बात उन्होंने कभी राष्ट्रपति के सामने रखी?

सौ करोड़ सालाना का कारोबार

sardaar jokes 100 carore business in a year

सिख/सरदार जोक्स के नाम पर देश की 50 वेबसाइट काम कर रही है। प्रबंधक कमेटी ने दावा किया है कि इससे करीब सौ करोड़  रुपये का सालाना कारोबार किया जा रहा है।

कमेटी ने सभी वेबसाइट को बंद कराने की मांग की है। इस मामले को अदालत तक ले जाने वाली चौधरी को अपनी तरफ से पूरे समर्थन का आश्वासन दिया है। प्रबंधक कमेटी का कहना है कि सभी धर्म के लोगों से इस मामले में बात की जाएगी।

जीके ने सरदारों के 12 बजने के नाम पर किए जाने वाले व्यंग्य के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब मुगल व पठान हिंदुस्तान के खजाने को लूटने के साथ बहू-बेटियों को जबरन उठाकर अरब देशों में बेचने के लिए काबुल-कंधार के नजदीक पहुंच कर रात गुजारने के लिए रुकते थे तो जंगलों में डेरा डाले हुए सिख आधी रात के समय मुगल सेना पर धावा बोलकर बहू-बेटियों को ना केवल छुड़ाते थे बल्कि उनके घरों तक उन्हें सुरक्षित पहुंचा कर आते थे।

सख्त कानून बनना चाहिए : हरविंदर कौर चौधरी

sardaar jokes 100 carore business in a year

जिस समय मुगलों पर यह हमला होता था तो वह कहते थे कि सिखों के 12 बज गए हैं। इसलिए इनको जीता नहीं जा सकता है। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने वाली वकील हरविंदर कौर चौधरी ने सिखों पर चुटकुले प्रकाशित या प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल वाली सजा या कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के कानून की तर्ज पर सिखों के मानसिक उत्पीड़न जैसा कानून बनाकर कड़ी सजा का प्रावधान भारतीय दंड संहिता में करने की वकालत की।


गुरुद्वारा रकाब गंज पहुंची चौधरी ने वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पर सिखों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि सिंघवी से अदालत ने जब सिख चुटकुले पर पूछा तो उन्होंने कहा कि इंडियन सिटिजन सरदार का मजाक उड़ाए बगैर नहीं रह सकता। सिंघवी ने यह भी कहा था कि विदेशों में भी सिखों पर जोक बनते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed