सेंट्रो में लगी आग, दो सगे भाई जिंदा जले
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दिल्ली से दो सगे भाई अपने चाचा के साथ अपने घर वापस जा रहे थे। तीनों सेंट्रो कार में सवार थे। पर शायद उन्हें ये पता नहीं था कि आज वो अपने घर नहीं पहुंच पाएंगे और ये उनकी आखिरी यात्रा होगी।
नई दिल्ली के कापसहेड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम कार में आग लगने से दो सगे भाई जिंदा जल गए, जबकि उनका चाचा 20 से 30 फीसदी झुलस गया।
उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। पेट्रोल से चलने वाली सेंट्रो कार 15 दिन पहले ही खरीदी गई थी। पुलिस आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
कार के बंद शीशों की वजह से हुई मौत
नई दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस के अनुसार गांव चौबा, गुड़गांव निवासी पंकज (19)
और सुमित (16) अपने चाचा यशवीर (35) के साथ बिजवासन आए थे। बुधवार शाम
करीब साढ़े छह बजे तीनों सेंट्रो कार से गांव लौट रहे थे। गाड़ी यशवीर चला
रहा था। बिजवासन व पालम रोड पर अवंतिका गार्डन के सामने कार में आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार में धुआं उठने लगा और कुछ सेकंड में कार
आग की लपटों में घिर गई। स्थानीय लोगों ने यशवीर को तो गाड़ी से बाहर
निकाल लिया, लेकिन दोनों भाइयों को नहीं निकाल पाए। सूचना पर फायर ब्रिगेड
की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।
बुरी तरह झुलसे यशवीर को सफदरजंग
अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पंकज व सुमित केशव डीडीयू अस्पताल
में रखवा दिए। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। यशवीर दिल्ली पुलिस
में बतौर ड्राइवर तैनात है। इस समय उसकी ड्यूटी दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी
यूनिट में है।