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संत रविदास मंदिर : अनुसूचित समाज के साथ खड़ा हुआ मुस्लिम समुदाय, 15 सितंबर तक का दिया अल्टीमेटम

Tue, 03 Sep 2019 02:42 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Tue, 03 Sep 2019 02:42 AM IST
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sant ravidas temple muslim community supports sc community on the issue
रविदास मंदिर के पुननिर्माण को लेकर संवाददाता सम्मेलन में चंद्रशेखर आजाद के वकील और अन्य - फोटो : अमर उजाला
तुगलकाबाद इलाके में डीडीए द्वारा तोड़े गए संत रविदास मंदिर को दोबारा बनवाने के लिए अनुसूचित समुदाय के समर्थन में मुस्लिम समुदाय भी खड़ा हो गया है। सोमवार को मुस्लिम समुदाय के इमामों ने इस आंदोलन में दलितों के साथ मिलकर सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लड़ने का ऐलान किया। मंदिर निर्माण के साथ ही उन्होंने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और उनके साथियों को जेल से छोड़ने की भी मांग की। 
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मामले को लेकर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता हुई, जिसमें दिल्ली की शिया कनाती मस्जिद कर्बला के इमाम मौलाना मोहम्मद कासिम जैदी, कर्बला मस्जिद महासचिव सयेद बहादुर अब्बास नकवी, लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के शाही इमाम मौलाना फजलुल मनन, एडवाकेट महमूद प्राचा, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मुफ्ती एजाज अरशद कासमी और वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन बतौर वक्ता शामिल हुए।
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इस दौरान मौलाना फजलुल मनन और मौलना मोहम्मद कासिम जैदी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय अल्पसंख्यकों का समुदाय है। किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना किसी भी तरीके से उचित नहीं है। तुगलकाबाद के दशकों पुराने संत रविदास मंदिर को तोड़ना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने आवाज उठाई तो जेल में बंद कर दिया गया। उनकी मांग है कि केंद्र और दिल्ली सरकार इस मसले का हल जल्द निकाले। इस लड़ाई में मुस्लिम समुदाय अनुसूचित समाज के साथ खड़ा है।
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सयेद बहादुर अब्बास नकवी ने आरोप लगाया कि डीडीए ने गलत कागजात के आधार पर सुप्रीम कोर्ट को गलत जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने डीडीए पर मंदिर को तोड़ने के लिए साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कि इस जमीन को सिकंदर लोदी द्वारा करीब 500 साल पहले दिया गया था, जिसके प्रमाण भी उनके पास मौजूद हैं, डीडीए इस पर अपना कब्जा किस आधार पर जता सकता है। उन्होंने सरकार से कहा कि 15 सितंबर तक मसले का हल नहीं निकलता है तो मुस्लिम समाज के लोग भी अनुसूचित समुदाय के लोगों के साथ सड़कों पर उतरेंगे।


जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना जारी

मंदिर को फिर से बनाने की मांग को लेकर संत रविदास जयंती समारोह समिति के नेतृत्व में आयोजित अनिश्चितकालीन धरना चार दिनों से जारी है। सोमवार को इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से कई संतों ने भी शिरकत की। उन्होंने अनुसूचित समाज को एकजुट होने का आह्वान किया।
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