क्यों खुद पर ही गोली चलवाना चाहता था इतना बड़ा अधिकारी
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आईएएस संजीव कुमार टिक्का हुसैन की हत्या का आपराधिक षड़यंत्र रचकर एक तीर से तीन शिकार करना चाहता था।
एक- प्रॉपर्टी विवाद में दोस्त टिक्का हुसैन की हत्या हो जाती और विवाद खत्म हो जाता।
दो- आपराधिक षड़यंत्र में खुद भी घायल होता। उसने शौकत पाशा को बोला था कि उसे गोली ऐसे लगे कि शरीर से छूकर चली जाए। घायल होने पर इलाज कराने के लिए उसे जमानत मिल जाती।
तीन- इस हमले का आरोप वह ओमप्रकाश चौटाला पर रचता। पुलिस चौटाला से पूछताछ करती और ये राजनीतिक मुद्दा बन जाता। इससे ऐसा लगता कि चौटाला ने ही उस पर तिहाड़ में हमला करवाया था।
तिहाड़ जेल में मोबाइल प्रयोग कर रहा है शौकत
तिहाड़ जेल में मोबाइल का प्रयोग थम नहीं रहा है। पुलिस तफ्तीश में ये बात सामने आई है कि शौकत तिहाड़ जेल में मोबाइल का प्रयोग कर रहा है। आईएएस संजीव व शार्प शूटर मोबाइल के जरिये जेल में बंद शौकत पाशा के संपर्क में थे।
रविंद्र यादव ने बताया कि संजीव ने कुल 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी। इसमें छह लाख शौकत पाशा व उसके शूटर को हथियार आदि के लिए दे दिए गए थे।
गांव फतेहपुर मोजी, जिला जेपी नगर उत्तर प्रदेश निवासी शौकत पाशा के चाचा मोइन की वर्ष 1986 में प्रॉपर्टी विवाद के चलते कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी।
लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है इस गिरोह का
इसने अपना गिरोह बनाया और वर्ष 1995 में भूरा पहलवान की हत्या कर दी थी। वर्ष 2009 में इसने अपने साथी अब्दुल हाफिज की जामिया नगर में हत्या कर दी। इस मामले में इसे सजा सुनाई गई थी।
बरेली, यूपी निवासी मन्नान के खिलाफ करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। बागपत, यूपी निवासी तौफिक की जेल में शौकत पाशा से मुलाकात हुई थी। इसके खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।