दिल्ली में सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
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राजधानी में एक बार फिर सफाई व्यवस्था चौपट होने के आसार पैदा हो गए हैं। तीनों नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के तमाम संगठनों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
हड़ताल की घोषणा के बाद सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। मालूम हो कि तीनों नगर निगम में करीब 60 हजार सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं।
बृहस्पतिवार को स्वतंत्र मजदूर विकास संयुक्त मोर्चा ने कर्मचारियों की करीब आधा दर्जन मांगें नहीं माने जाने के विरोध में शुक्रवार से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया।
'कोई हमारी नहीं सुन रहा'
स्वतंत्र मजदूर विकास संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष संजय गहलोत ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा कराने के लिए पिछले कई माह से तीनों नगर निगम और मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों का दरवाजा खटखटाया जा चुका है, मगर उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई। उनको केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। उनकी समस्याएं जस की तस हैं।
उन्होंने कहा कि फिलहाल तो वह सफाई कार्य करना बंद करेंगे। एक-दो दिन में उनकी मांगे पूरा नहीं किए जाने की स्थिति में वह छह माह पहले की भांति सड़कों और नेताओं के घरों के सामने कूड़ा फैलाएंगे।
इस संबंध में उन्होंने तैयारी कर ली है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। उनको दो-तीन माह का वेतन रुका हुआ है। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है।
इसके अलावा कैश लैस मेडिकल सुविधा नहीं मिल रही है। उन्हें इलाज कराने के लिए जेब से पैसे देने पड़ रहे हैं। इसी तरह पिछले दिनों नियमित हुए कर्मचारियों को बकाया एरियर नहीं मिला है। वह दर-दर भटक रहे हैं, उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। पिछले 16 वर्ष से वर्दी भी नहीं मिली है।