Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR ›   Samples of Delhi Corona patients reached in lab in three days reports coming in 15 days

तीन दिन में लैब पहुंच रहे सैंपल, 15 दिन में आ रही रिपोर्ट, कैसे मिलेगी दिल्ली को कोरोना से मुक्ति?

परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 29 Apr 2020 01:47 AM IST

सार

-रिपोर्ट समय पर मिल जाती तो ऑरेंज जोन में होती 90 फीसदी दिल्ली
-जल्दबाजी में बन गए बड़े जोन, अब माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनना शुरू
कोरोना वायरस की जांच
कोरोना वायरस की जांच - फोटो : PTI
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

कोरोना वायरस को लेकर मंगलवार को 90 फीसदी दिल्ली ऑरेंज जोन में तब्दील हो सकती थी, लेकिन जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने के कारण ऐसा नहीं हो सका। मरीजों के सैंपल तीन-तीन दिन बाद लैब में जा रहे हैं और इनकी रिपोर्ट 15 दिन से भी लेट आ रही हैं। ऐसे में मरीज पॉजिटिव होगा भी तो वह ठीक हो गया होगा या फिर उससे कितने लोग संक्रमित हुए प्रशासन को इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं है? यही नहीं नॉन कोविड अस्पताल, दिल्ली पुलिस और सुरक्षा गार्डों के संक्रमित मिलने के चलते सरकार व प्रशासन भी चिंतित है।

विज्ञापन


मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, उपराज्यपाल अनिल बैजल और सभी जिला आयुक्त के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मरीजों की जांच रिपोर्ट दो से तीन सप्ताह में मिलने का खुलासा हुआ। नोएडा स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल्स पर अतिरिक्त भार होने की वजह से रिपोर्ट में देरी हो रही है।


उत्तरी दिल्ली के डीएम ने कहा कि यदि रिपोर्ट समय पर मिलती तो मंगलवार को हम ग्रीन जोन की ओर बढ़ रहे होते, लेकिन अभी भी रेड जोन में ही हैं। 15 दिन बाद जब रिपोर्ट आती है तो अचानक से मरीज बढ़ जाते हैं। मरीज को ही नहीं पता होता कि 15 दिन पहले वह किस-किस से मिला? जहांगीरपुरी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां देरी से रिपोर्ट मिली और अचानक 50 से 60 मरीज मिल गए। ऐसे में जिले को ऑरेंज या ग्रीन कैसे बनाएं?

ठीक ऐसा ही दक्षिणी पूर्वी की डीएम ने कहा कि तब्लीगी जमाती मिलने के बाद निजामुद्दीन इलाके में सर्वे किया गया, लेकिन उनकी रिपोर्ट अब तक नहीं मिली हैं। अगर यह रिपोर्ट पहले मिल जाती तो यह क्षेत्र ऑरेंज जोन में आ जाता। यही मुद्दा सेंट्रल दिल्ली प्रशासन ने भी उठाया तो दक्षिणी दिल्ली के उपायुक्त ने कहा कि उनके यहां करीब 14 कंटेनमेंट जोन हैं, जिनमें 600 सैंपल लिए जा चुके हैं, परंतु रिपोर्ट अब तक केवल 190 की मिली हैं। पश्चिमी दिल्ली की डीएम ने बताया कि उनके यहां 13 कंटेनमेंट जोन हैं, जिसमें एक सबसे बड़ा है। यहां 500 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं, लेकिन रिपोर्ट 130 की ही मिली हैं।
 

एम्स की चार टीमें संभालेंगी कमान

अब दिल्ली में एम्स की चार टीमें कमान संभालेंगी। इन टीमों में सामुदायिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अतिरिक्त महामारी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इनके साथ एनसीडीसी की टीमें भी सर्विलांस के लिए तैनात होंगी। ये टीमें जिला आयुक्त के सीधे संपर्क में रहेंगी और एलजी के साथ लगातार योजनाओं में शामिल भी रहेंगी।

दूसरे लॉकडाउन में भी दिल्ली नियंत्रण से बाहर
देश में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले महाराष्ट्र और गुजरात के बाद दिल्ली में हैं। दूसरा लॉकडाउन 15 अप्रैल को लागू हुआ था। इसके बाद 20 अप्रैल तक हर दिन केंद्र व दिल्ली सरकार की बैठकें चलती रहीं और कंटेनमेंट जोन पर फोकस शुरू हो गया, लेकिन इसके बाद से हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई और अब तीन हजार से ज्यादा मरीज हो गए हैं। हालांकि, मृत्युदर बाकी राज्यों की तुलना में नियंत्रण में है।

दिल्ली में बनेंगे माइक्रो कंटेनमेंट जोन
दिल्ली में अब माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी बनेंगे, ताकि लोगों तक पहुंच आसानी से बनाई जा सके। बड़े कंटेनमेंट जोन होने से टीमों को लोगों से मिलने में कठिनाई हो रही थी। उपराज्यपाल अनिल बैजल ने उम्मीद जताई है कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनने से कुछ दिन बाद दिल्ली ऑरेंज और फिर ग्रीन जोन में होगी।

किसने क्या कहा?

-दिल्ली का पूरा नक्शा ही लाल दिखाई दे रहा है। तमाम प्रयास के बाद भी यहां 11 में से सिर्फ दो जिले ऑरेंज हैं। ग्रीन जोन में लाने के लिए और भी ज्यादा बेहतर प्रयास की जरूरत है। - डॉ. हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री

-जल्दबाजी में बड़े कंटेनमेंट जोन बना दिए थे। इससे सर्विलांस भी नहीं हो सका। साथ ही जिले भी रेड दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अब एनसीडीसी निदेशक से बैठक के बाद माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे। - अनिल बैजल, उपराज्यपाल

- दिल्ली में इस वक्त सबसे बड़ी परेशानी जांच रिपोर्ट को लेकर है। रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने से पता नहीं चल रहा है कि कौन मरीज है और कौन नहीं। इन मरीजों की पहचान करना सबसे मुश्किल हो रहा है। - सत्येंद्र जैन, स्वास्थ्य मंत्री, दिल्ली सरकार
 

दिल्ली की स्थिति

दिल्ली में कुल मरीज 3108
तब्लीगी जमाती 1084
डिस्चार्ज 877
मौत : 54
मृत्यु दर : 1.74 फीसदी
बड़े अस्पतालों में भर्ती : 642 (49 आईसीयू, 11 वेंटिलेटर पर)

जिलावार हालात
-दिल्ली में 67 फीसदी मरीज दक्षिणी पूर्वी और सेंट्रल जिला में मिले।
-दिल्ली में 54 में से 34 लोगों की मौत दक्षिणी पूर्वी और सेंट्रल जिला में हुईं।
-दिल्ली के हर जिले में एक सीमा से ज्यादा हैं मरीज।

जांच की स्थिति
दिल्ली में कुल जांच : 39,911
लंबित जांच रिपोर्ट : 2401

एक नजर में दिल्ली के अस्पताल
-11 कोविड अस्पताल में 2937 बेड।
-3 कोविड स्वास्थ्य केंद्र में 253 बेड।
-15 कोविड निगरानी केंद्र में 4846 बेड।
-आईसीयू बेड : 400 से अधिक।
-वेंटिलेटर : 200 से अधिक।
-पीपीई : 33 हजार से अधिक।
-एन-95 मास्क : 30 हजार से अधिक।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00