दर्द और भूख से तड़प रहे बच्चों को देख नहीं पाया इसलिए मरने के लिए छोड़ गया पिता
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बेटियों को कमरे में बंद कर बेटे की हत्या करने वाला बबलू गुप्ता उर्फ बंटी ने पूछताछ में बताया कि बीमारी की वजह से उसके बेटे की हालत काफी खराब हो चुकी थी। पूरे शरीर में घाव होने से वह दर्द से कराहता था। साथ ही खाने का कोई सामान नहीं होने से बच्चे भूख से भी तड़प रहे थे।
यह सब उससे देखा नहीं गया और उसने अपने बेटे की हत्या करने का मन बना लिया। वह घर से बेटे को दवा दिलाने की बात कहकर ले गया। मुनक नहर के पास पहुंचने के बाद उसने गोद में लिए बेटे को नहर में फेंक दिया।
रक्षा बंधन के दिन किसी पड़ोसी ने बबलू को मिठाई दी थी। अपने बेटे को लेकर घर से निकलने से पहले उसने बेटियों को मिठाई दी। साथ ही उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत देकर दरवाजे की कुंडी लगाकर चला गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शराब पीने का आदी बबलू के पास रुपये नहीं होने की वजह से वह अपने बच्चों को खाना नहीं खिला पाता था।
बच्चियों के रहने व पढ़ने का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी
दिल्ली सरकार ने समयपुर बादली में पांच दिन तक कमरे में बंद रही दोनों बच्चियों के रहने और पढ़ने का खर्च उठाने का ऐलान किया है। समाज कल्याण मंत्री संदीप कुमार शनिवार दोपहर बच्चियों का हाल जानने पहुंचे थे।
जहां उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को हर पल की खबर सीधे उन तक पहुंचाने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि बच्चियों की गहन देखभाल करने की जरूरत है। किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल प्रशासन को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा देने का भी निर्देश दिए।
सोमवार को बच्चियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया जाएगा। जहां पर उनकी काउंसलिंग होगी। इस दौरान उनसे पूरी घटना की जानकारी भी ली जाएगी। सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।