फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   samajwadi party is trying to win by election

यूपी: अब भूल नहीं दोहराना चाहती सपा-बसपा

Sun, 07 Sep 2014 06:34 PM IST
Updated Sun, 07 Sep 2014 06:34 PM IST
विज्ञापन
samajwadi party is trying to win by election

नोएडा विधान सभा के उपचुनाव में सभी राजनीतिक पार्टियों का लक्ष्य 2017 के आम चुनाव ही हैं। इसके लिए भाजपा, सपा और कांग्रेस मैदान में उतरकर जबकि बसपा पर्दे के पीछे रिहर्सल कर रही है।

विज्ञापन


जहां उपचुनावों में पूरा जोर लगा रही सपा जमीन तैयार करने में जुटी है। वहीं, भाजपा को विश्वास है कि केंद्र में सरकार बनने के बाद उसका कद काफी बढ़ गया है, इसलिए लक्ष्य हासिल करने में ज्यादा कठिनाई नहीं होगी। कांग्रेस भी मानती है कि एक न एक दिन जनता फिर उसी का साथ देगी।
विज्ञापन


ध्यान देने की बात है कि 2012 के विधानसभा चुनावों में सपा को भारी बहुमत मिला, लेकिन प्रदेश में बढ़ता अपराध और कमजोर कानून-व्यवस्था का मसला 2017 की राह को मुश्किल बना रहा है। इस बीच लोकसभा चुनावों में भाजपा ने यूपी में शानदार प्रदर्शन किया और सपा की साख को इससे नुकसान भी पहुंचा। लिहाजा, पार्टी पूरी गंभीरता से पिछली गलतियों के सुधार में जुट गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या सच होगा अमित शाह का ये सपना?

samajwadi party is trying to win by election

उधर, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दे रहे हैं। लेकिन, यूपी में इस नारे से परेशान होने की जरूरत कांग्रेस से ज्यादा सपा को है। 2014 के उप चुनाव में सपा की तैयारियों से भी ये साफ जाहिर हो रहा है कि वह शाह के नारे को गंभीरता से ले रही है। सपा की कोशिश नोएडा की सीट पर पार्टी का परचम लहराकर नाक ऊंची रखना है।

विशेषज्ञों के लिहाज से प्रदेश के उपचुनावों में सीधी टक्कर सपा और भाजपा में हैं। ये और बात है कि सत्ता में होना सपा का मजबूत पक्ष है। पार्टी नेतृत्व इस बात को भी जानता है कि नीतियों व कार्यशैली में बदलाव और सही चेहरों का चुनाव न केवल जनता में विश्वास बढ़ाएगा, बल्कि सत्ता में बने रहने की राह भी आसान करेगा।

नोएडा उपचुनावों में सपा ने पूरी ताकत झोंक रखी है। कार्यकर्ता ही नहीं, मंत्री और प्रत्याशी का पूरा परिवार प्रचार में जुटा है। सपा की कमरतोड़ मेहनत से भाजपा भी अनजान नहीं है और यही एक वजह है कि मोदी लहर के बावजूद भाजपा के भीतर भी हलचल है।

बसपा के चलते कायम है भाजपा का जलवा!

samajwadi party is trying to win by election

हालांकि नोएडा विधान सभा क्षेत्र के लेकर भाजपा इसलिए चिंतित नहीं है कि यहां पर भाजपा का ही जलवा रहा है। बसपा के चुनाव न लड़ने से भाजपाई को चिंता नहीं है। रही बात कांग्रेस की तो वह अपने परंपरागत वोटों पर विश्वास कर रही है। मानकर चल रही है कि मैदान में दो दिग्गज लड़ेंगे तो इसका फायदा तीसरा भी उठा सकता है।

मई 2014 के लोकसभा चुनाव में यूपी की कमान अमित शाह के हाथ में थी। सपा न तो मोदी लहर को भांप पाई और न ही शाह की कूटनीति को।  उधर, उत्तराखंड, बिहार और कर्नाटक उपचुनाव परिणाम भी सपा के लिए राहत भरे हैं। सपा जान रही है कि मोदी लहर मंद पड़ रही है।

भाजपा के मुखिया अमित शाह के संकेतों से भी ये साफ है कि उनकी पार्टी अब केवल लहर के भरोसे नहीं रहेगी। लेकिन, इस बार सपा भी विरोधियों को हल्के में नहीं ले रही है और तैयारियों को तूफानी रफ्तार देने में कोई कमी नहीं रखी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. ज्ञान सिंह का कहना है कि वोटर का मूड पता नहीं होता है। उपचुनाव में कोई खास मुद्दा नहीं होता है लेकिन कभी-कभी मेहनत भी काम आ जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed