{"_id":"67cb7ad27d332c9403073077","slug":"sahitya-utsav-sahitya-akademi-award-presentation-ceremony-today-2025-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"साहित्योत्सव : साहित्य अकादमी पुरस्कार अर्पण समारोह आज, आयोजन शाम 5 बजे से कमानी सभागार में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साहित्योत्सव : साहित्य अकादमी पुरस्कार अर्पण समारोह आज, आयोजन शाम 5 बजे से कमानी सभागार में
Sat, 08 Mar 2025 04:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 08 Mar 2025 04:31 AM IST
सार
समारोह का आयोजन मंडी हाउस स्थित कमानी सभागार में शाम पांच बजे से होगा। समारोह के दौरान प्रख्यात अंग्रेजी नाटककार महेश दत्तानी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। कार्यक्रम का समापन मशहूर बांसुरी वादक राकेश चौरसिया बांसुरी वादन के साथ करेंगे।
विज्ञापन
साहित्य अकादमी अवॉर्ड
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
साहित्योत्सव में आज का मुख्य आकर्षण साहित्य अकादमी पुरस्कार 2024 अर्पण समारोह होगा। इसका आयोजन मंडी हाउस स्थित कमानी सभागार में शाम पांच बजे से होगा। समारोह के दौरान प्रख्यात अंग्रेजी नाटककार महेश दत्तानी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। कार्यक्रम का समापन मशहूर बांसुरी वादक राकेश चौरसिया बांसुरी वादन के साथ करेंगे।
विज्ञापन
भारतीय साहित्य की भूमिका हर काल और परिदृश्य में रही प्रासंगिक : गजेंद्र
केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का मानना है कि साहित्य भारत को एकता के सूत्र में बांधने का सबसे मजबूत तंतु है। उन्होंने कहा कि भारतीय साहित्य की भूमिका हर काल और परिदृश्य में प्रासंगिक रही है और आगे भी रहेगी। केंद्रीय मंत्री शुक्रवार को साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित एशिया के सबसे बड़ साहित्योत्सव में बोल रहे थें। उत्सव का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तकनीक के समय में अनुवाद के जरिये हमारा साहित्य अब वैश्विक होने लगा है। पूरी दुनिया का भारत को देखने का नजरिया बदला है।
विज्ञापन
उन्होंने उत्सव में कहा कि यह भारत की मनीषा ही है जिसने अपनी पुरातनता को हमेशा नया बनाए रखते हुए यथार्थ से साक्षात्कार कर अनेक समस्याओं के निदान दिए हैं। मौके पर संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव अमृता प्रसाद साराभाई भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत साहित्य अकादमी प्रदर्शनी 2024 के उद्घाटन के साथ हुई, जिसमें चित्रों व लेखों के विवरण से विगत वर्ष की उपलब्धियां प्रदर्शित नजर आईं। उधर, साहित्योत्सव के पहले दिन शुक्रवार को 20 विभिन्न कार्यक्रमों में 100 से ज्यादा लेखकों ने शिरकत की।
विज्ञापन
कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में आदिवासी कविता व कहानी-पाठ और पैनल चर्चा रहे। विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने भारतीय साहित्य में नदियां, भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र की लोक संस्कृति, भारत की साहित्यिक कृतियों में लुप्त होता ग्रामीण समाज समेत अन्य दूसरे विषयों पर भी अपनी बात रखी।
साहित्य अकादमी ने अनुवाद पुरस्कार 2024 की घोषणा
साहित्य अकादमी ने शुक्रवार को अनुवाद पुरस्कार 2024 की घोषणा की। इसके लिए 21 अनुवादकों को चुना गया है, जिन्हें उनके बेहतरीन अनुवाद कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा। हिंदी में अनुवाद के लिए मदन सोनी को यशोधरा डालमिया की अंग्रेजी पुस्तक के हिंदी अनुवाद सैयद हैदर रजा एक अप्रतिम कलाकार की यात्रा के लिए पुरस्कृत किया गया है।
वहीं, अंग्रेजी में यह पुरस्कार अनीसुर रहमान को उनके द्वारा अनूदित पुस्तक हजारों ख्वाहिशें ऐसी को दिया गया है। पंजाबी के लिए चंदन नेगी को पुस्तक तेरे लैई के अनुवाद व बांग्ला के लिए बासुदेब दास को सदगरेर पुत्र नौका बेय जय पुस्तक के अनुवाद के लिए पुरस्कृत किया गया है। अकादमी की ओर से यह पुरस्कार उन पुस्तकों से संबंधित हैं, जो पुरस्कार साल के पिछले वर्ष के अंतिम पांच वर्षों में प्रथम बार प्रकाशित हुई हैं। पुरस्कृत अनुवादकों को पुरस्कार स्वरूप एक उत्कीर्ण ताम्रफलक व 50 हजार रुपये की सम्मान राशि बाद में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में दी की जाएगी।