सफदरजंग अस्पताल का एक डॉक्टर अपने ही इलाज के लिए मांग रहा मदद
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केंद्र सरकार के दूसरे बड़े अस्पताल के एक डॉक्टर को अपने इलाज के लिए सोशल मीडिया पर मदद मांगनी पड़ रही है। डॉक्टर का बोन मैरो ट्रांसप्लांट होना है, जिसके लिए कोलकाता के निजी अस्पताल में 22 लाख रुपये एडवांस जमा कराने हैं।
सफदरजंग अस्पताल के फिजीयोलॉजी के डॉक्टर सोमेन मन्ना बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों से वह काफी थकावट और कमजोरी महसूस कर रहे थे। इसकी जांच के लिए करीब तीन महीने पहले वह एम्स गए।
वहां जांच में पता चला कि उन्हें एक तरह का ब्लड कैंसर है। जिसके इलाज के तौर पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत है। लेकिन ट्रांसप्लांट की यह सुविधा न तो सफदरजंग अस्पताल और न ही एम्स में है।
इसकी सुविधा टाटा मेमोरियल अस्पताल में है, जहां इसकी कीमत करीब 22 लाख रुपये है। लेकिन टाटा मेमोरियल अस्पताल सरकारी डॉक्टरों को मिलने वाली सुविधा सीजीएचएस के अंतर्गत नहीं आता। इसलिए डॉ. सोमेन को इस रकम का इंतजाम खुद ही करना है।
एम्स से एमडी करने वाले डॉ. सोमेन बताते हैं कि इतने पैसे का इंतजाम करना उनके लिए बहुत ही कठिन है। उनकी स्थिति जानने के बाद उनके अस्पताल के लोग और दोस्त मदद को आगे आए हैं लेकिन इसके बाद भी आर्थिक तौर पर उन्हें और मदद की जरूरत है।
इसके लिए वह मंत्रालय से भी मदद मांगना चाहते हैं लेकिन इसके लिए प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिल पाने की वजह से वह मदद नहीं मांग पा रहे हैं। इसलिए उन्होंने क्राउडफंडिंग जुटाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मिलाप.कॉम पर लोगों से आग्रह किया है।