सद्दाम हुसैन गिरफ्तार: दिल्ली-NCR में लोगों को बनाता था सेक्सटॉर्शन का शिकार, ऐसे देता था वारदात को अंजाम
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपी फेसबुक व दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये लड़की बनकर फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजते थे। दोस्ती होने के बाद आरोपी चैटिंग शुरू कर दे देते थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर में सेक्सटॉर्शन के जरिये वसूली करने वाले गैंग का मुखिया आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। स्पेशल सेल की टीम ने आरोपी को छतरपुर स्थित सतबड़ी गांव से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव कोट, मंडावर, दौसा, राजस्थान निवासी सद्दाम हुसैन (28) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक पिस्टल दो कारतूस व अन्य सामान बरामद किया है। शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया है कि इनके गैंग ने 50 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है। दिल्ली के एक मामले में अदालत ने आरोपी सद्दाम को भगोड़ा घोषित किया हुआ था। इसकी गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस की ओर से 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। स्पेशल सेल की टीम पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने नई दिल्ली के बाराखंभा रोड इलाके में एक वकील के साथ सेक्सटॉर्शन के जरिये वसूली कर ली थी। लोकल पुलिस ने मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके अलावा तीन अन्य आरोपियों को स्पेशल ने गिरफ्तार किया था। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि इस पूरी साजिश के पीछे सद्दाम हुसैन नामक बदमाश है। 22 मई को दिल्ली की अदालत ने सद्दाम को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके अलावा उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया। स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि लोकल पुलिस के अलावा उनकी टीम भी आरोपी की तलाश कर रही थी। इस बीच एसीपी अत्तर सिंह, इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह और सतविंदर की टीम को खबर मिली कि आरोपी सद्दाम हुसैन छतरपुर के सतबड़ी गांव में अपने किसी जानकार से मिलने आने वाला है। सूचना के बाद पुलिस की टीम ने शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा व दो कारतूस बरामद हुए। पुलिस उससे पूछताछ कर जांच में जुटी है।
गैंग ऐसे देता है वारदात को अंजाम...
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपी फेसबुक व दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये लड़की बनकर फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजते थे। दोस्ती होने के बाद आरोपी चैटिंग शुरू कर दे देते थे। इसके बाद पीड़ितों का नंबर लेकर उनको वीडियो कॉल कर अश्लील हरकत करने के लिए उकसाते थे। बाद में उसको रिकॉर्ड कर लिया जाता था। इन अश्लील वीडियो को पीड़ितों के परिजनों, रिश्तेदारों के अलावा सोशल मीडिया पर भेजने की धमकी देकर वसूली की जाती थी। वसूली ऑन लाइन होती थी। आरोपियों ने गरीब ग्रामीणों के बैंक खातों का कंट्रोल खुद ही लिया हुआ है। उसमें वसूली की रकम मंगाकर ग्रामीणों को कुछ पैसे दे दिया जाते थे। पुलिस आरोपी सद्दाम से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।