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'तीन साल से नहीं निकला जल का हल'
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 22 Apr 2014 10:00 PM IST
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बदरपुर बॉर्डर से सटे फरीदाबाद का एक पॉश सेक्टर-37 है। कहने को तो यह दिल्ली के नजदीक है लेकिन यहां समस्याओं का अंबार है। जिसके बारे में वहां के लोग समय-समय पर आवाज उठाते रहते हैं, लेकिन सरकारी मशीनरी है कि काम करने को तैयार नहीं होती।
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यहां के लोगों का कहना है कि करीब तीन साल से पानी की दिक्कत बढ़ गई है। क्योंकि सेक्टर के आसपास बहुमंजिले फ्लैट बन गए हैं। यहां का पानी उसमें जा रहा है।
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रेजिडेंट्स एंड प्लॉट होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार ने ढाई मंजिल तक मकान बनाने का नक्शा पास किया है तो इतनी मंजिल तक पूरे प्रेशर से पानी भी दे। निवासी इसके लिए मोटर क्यों चलाएं।
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लगभग पांच हजार लोग इस सेक्टर में रहते हैं। लेकिन हालत यह है कि उन्हें टैंकर का पानी मंगाकर काम चलाना पड़ता है। कई बार पानी आता है तो उसका प्रेशर काफी कम होता है। इसके लिए यहां के लोग नगर निगम को लगातार पत्र लिख रहे हैं, लेकिन अधिकारी समाधान नहीं करवा पा रहे हैं।
पुलिस पर भरोसा नहीं, रखे अपने गार्ड
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक, पुलिस की निष्क्रियता के कारण चोरियां बढ़ रही हैं। इसलिए एसोसिएशन ने पांच गार्ड रख लिए हैं। इसी प्रकार नगर निगम पार्कों की मेंटेनेंस करने में विफल हो गया तो लोगों ने यहां के 12 पार्कों को खुद मेंटेंन करना शुरू कर दिया। नगर निगम इसके लिए नाम मात्र का शुल्क देता है।
रेजिडेंट्स एंड प्लॉट होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की प्रधान आशा शर्मा ने बताया कि इस सेक्टर के ट्यूबवेलों का पानी अवैध रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में भी जा रहा है और उससे सर्विस स्टेशन भी चलाए जा रहे हैं। बहुमंजिला इमारतें बनने से पानी की खपत काफी बढ़ गई है। जिससे सेक्टर के आम लोगों के घरों में पर्याप्त पानी नहीं आ रहा।