अफवाहों के बीच बिका लाखों का 'नमक', सोता रहा प्रशासन
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बल्लभगढ़ में शुक्रवार शाम जैसे ही लोगों को फेसबुक और वाट्सएप के जरिये पता चला कि नमक 400 रुपये किलो तक हो गया है। लोग भागकर किराने की दुकान पर पहुंचे और जितने में नमक मिला, उतने में खरीद लिया। दुकानदारों ने भी इस अफवाह का जमकर फायदा उठाया।
कभी चोरी न होने वाला 'नमक' जो अक्सर किराने की दुकानों के सामने रात के समय खुले में पड़ा रहता था वो रात को 500 से लेकर 700 रुपये प्रति कट्टा बिका। आधी रात तक नमक की कालाबाजारी जारी रही और प्रशासन सोता रहा।
दरअसल, देर शाम फेसबुक और वाट्सएप पर नमक महंगा होने की खबर वायरल हो गई। हालांकि, तब तक बल्लभगढ़ सब्जी मंडी, ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी के विभिन्न बाजारों के व्यापारी अपनी दुकान बंद कर घर पहुंच चुके थे। लेकिन जैसे ही खबर मिली, वे भी ज्यादा रुपये कमाने के लालच में दोबारा दुकान खोलकर बैठ गए।
16 रुपये किलो बिकने वाला टाटा का पिसा नमक 30 से 50 रुपये किलो बेचा गया। वहीं, नमक का 25 किलो का कट्टा 125 रुपये में मुश्किल से बिकता था, उसे दुकानदारों ने 250 से 700 रुपये में बेचा।
इतना ही नहीं 40 रुपये किलो बिकने वाली चीनी भी इस अफवाह से अछूती नहीं रही। चीनी 50 से 100 रुपये प्रति किलो कि दर से बेचकर दुकानदारों ने खूब मुनाफा कमाया। आलम ये रहा कि दुकान के बाहर पड़ा रहने वाले नमक भी ग्राहकों ने नहीं छोड़ा।
दोपहर तक नमक की हुई बिक्री
बल्लभगढ़ सब्जी मंडी में अफवाहों का दौर देर रात तक ही नहीं, बल्कि दोपहर तक जारी रहा। हालांकि दुकानदारों ने ग्राहकों को देखकर नमक का भाव बताया। अधिकांश दुकानों पर 125 रुपये का कट्टा 200 रुपये बिका। लोग साईकिल, मोटरसाईकिल, ऑटो और सिर पर नमक को ढोते नजर आए। वहीं कालाबाजारी में शामिल दुकानदार एकबार फिर नमक को स्टोर करते हुए दिखाई दिए।
हमें नहीं मिली शिकायत
यह सिर्फ अफवाह है। हमें कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि कहीं कुछ हुआ है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, चीनी और नमक की किल्लत नहीं है।-चंद्रशेखर, जिला उपायुक्त-फरीदाबाद