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आरटीआई ने खोल दी महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष की पोल!

Fri, 16 Oct 2015 05:02 PM IST
Updated Fri, 16 Oct 2015 05:02 PM IST
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RTI revealed how poorly barkha shukla singh worked in delhi women commission

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल की तारीफ करने के साथ ही आयोग की पूर्व अध्यक्ष बरखा सिंह शुक्ला पर हमला बोला है।

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केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि स्वाती अपने दो महीने के कार्यकाल में दिल्ली और केंद्र सरकार को कुल नौ सिफारिशें भेज चुकी हैं जबकि, दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष बरखा सिंह ने अपने आठ साल के कार्यकाल में केवल एक मामले की सुनवाई की।
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असल में प्रभाकर पांडे ने एक आरटीआई के माध्यम से दिल्ली महिला आयोग की वर्तमान और पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में हुए कामों का खुलासा किया है।

इस आरटीआई के जवाब में बताया गया है कि आयोग की वर्तमान अध्यक्ष स्वाती मालीवाल पिछले दो महीनों में कुल 147 शिकायतों की नियमित सुनवाई कर चुकी हैं, जबकि उनका साथ दे रही तीन अन्य दसस्यों में से प्रत्येक ने 400 से ज्यादा मामलों की सुनवाई की है।
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बता दें कि दिल्ली सरकार द्वारा स्वाती मालीवाल की महिला आयोग के अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति पर विवाद पैदा हो गया था जिसे उप-राज्यपाल ने मानने से इनकार कर दिया था।

क्यों पीछे रह गईं बरखा शुक्ला

RTI revealed how poorly barkha shukla singh worked in delhi women commission

प्रभाकर पांडे की आरटीआई में खुलासा किया गया है कि जहां पिछले दो महीने के कार्यकाल में स्वाती मालीवाल ने 147 मामलों की सुनवाई की वहीं, अन्य सदस्‍य सारिका चौधरी ने 615, प्रोमिला गुप्ता ने 426 और फरहीन मलिक ने 488 मामलों की सुनवाई की है।

इसकी तुलना करते हुए बताया गया है कि पूर्व अध्यक्ष बरखा सिंह शुक्ला के कार्यकाल में सदस्य रुपिंदर कौर ने छह साल के कार्यकाल में 3282 जबकि, रेनी जेकब ने तीन साल में 3178 और सुधा टोकस ने 1815 मामलों की सुनवाई की थी।

महिलाओं की समस्याओं की सुनावई और उसके निदान से संबंधित मामलों की सिफारिशों के मामले में बरखा सिंह के आठ साल के कार्यकाल में केवल एक सिफारिश हुई।

हालांकि बरखा सिंह ने आरटीआई के इस जवाब को मनगढंत बताते हुए कहा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गीतांजलि नागपाल से लेकर सोमनाथ भारती तक के मामलों की सुनवाई की है।

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