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पप्पू के सवाल ने खोली तीन सरकारों की पोल

Thu, 26 Mar 2015 07:56 AM IST
Updated Thu, 26 Mar 2015 07:56 AM IST
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 RTI of pappu kumar revealed carelessness of three government

आरटीआई के इतिहास का एक अनोखा मामला सामने आया है। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश से संबंधित आरटीआई आवेदन हरियाणा सरकार को भेज दिया।

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आश्चर्य यह है कि हरियाणा सरकार के अधिकारियों ने भी बिना कुछ सोचे-समझे आवेदनकर्ता को जवाब भेज दिया। अलबत्ता जिससे सूचना मांगी गई थी, वहां से अब तक कोई जानकारी नहीं आई।

यह केस एक बानगी है कि सूचना अधिकार अधिनियम को कैसे लिया जा रहा है। नेहरू ग्राउंड, फरीदाबाद (हरियाणा) के पप्पू कुमार ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के विकास खंड बेलघाट के बारे में नवंबर 2014 में जानकारी मांगी थी।
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हरियाणा से मांगा यूपी का जवाब

 RTI of pappu kumar revealed carelessness of three government

उन्होंने अपने गांव बभनौली व आसपास के गांवों गायघाट और ढबिया में पिछले पांच साल में आए खाद्यान्नों, 2013 में वहां आई बाढ़ और उसके बाद गांव वालों को दी गई राहत सामग्री आदि का विवरण मांगा था।

इसके लिए उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, नई दिल्ली में आरटीआई डालकर जानकारी लेने का प्रयास किया।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधिकारियों ने कृषि भवन, नई दिल्ली से 19 नवंबर को पप्पू के आवेदन को उत्तर प्रदेश की बजाए हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव को भेज दिया।

जवाब पा पप्पू हुआ दंग

 RTI of pappu kumar revealed carelessness of three government

लापरवाही का सिलसिला यहीं नहीं थमा, हरियाणा सरकार ने 2 दिसंबर को इस आवेदन पर गोलमोल सा जवाब भी दे दिया। जवाब में उन्होंने हरियाणा के सस्ते राशन की दुकानों का विवरण भेज दिया।

इसकी सूचना उन्होंने केन्द्रीय मंत्रालय के अवर सचिव सुनील चौहान को भी भेजी है। जवाब पाकर पप्पू कुमार भी दंग रह गए। केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मंत्री राम विलास पासवान हैं।

सूचना अधिकार कार्यकर्ता एवं सुप्रीम कोर्ट के वकील पद्मश्री ब्रह्मदत्त ने कहा है कि यह अपने आप में अनोखा मामला है। जिन अधिकारियों ने ऐसी लापरवाही की है, उनके खिलाफ केंद्र सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। इन लोगों ने आरटीआई को मजाक बना दिया।

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