फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   RTI Disclosed, The Haryana government is completely in Debt

आरटीआई से खुलासा, पूरी तरह कर्ज में डूबी है हरियाणा सरकार 

Mon, 21 Mar 2016 11:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 21 Mar 2016 11:43 AM IST
विज्ञापन
RTI Disclosed, The Haryana government is completely in Debt
इन्वेस्टर्स समिट में सीएम खट्टर - फोटो : amar ujala

हरियाणा का हर व्यक्ति 40 हजार रुपये का कर्जदार है। प्रदेश सरकार पर दिन-ब-दिन कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने 12 माह के कार्यकाल में 17 हजार 150 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है।

विज्ञापन


वित्तीय वर्ष 2015-16 के समापन पर प्रदेश सरकार पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये की कर्जदार हो जाएगी। इस हिसाब से प्रदेश में प्रति व्यक्ति पर 40 हजार रुपये का कर्ज है।
विज्ञापन


यह जानकारी आरटीआई (सूचना का अधिकार) के माध्यम से प्राप्त हुई है। इसके अनुसार हरियाणा सरकार के सभी प्रमुख विभागों ने अपने आप को चलाने के लिए नवंबर 2014 से नवंबर 2015 तक भारी कर्ज लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरटीआई कार्यकर्ता अभय जैन ने बताया कि आरटीआई से पता चला है कि नवंबर 2014 से नवंबर 2015 की अवधि में सिंचाई व जल विभाग ने लगभग 149 करोड़, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) ने लगभग 189 करोड़, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग ने 65 करोड़, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने लगभग 28 करोड़, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड ने 180 करोड़, हरियाणा बिजली निगम 156 करोड़ और हरियाणा अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग ने लगभग 11 हजार करोड़ रुपये अपने विभागों को चलाने के लिए कर्ज लिया है।

2004-05 में था 23 हजार करोड़ कर्ज

RTI Disclosed, The Haryana government is completely in Debt
कार्यक्रम के दौरान सीएम खट्टर

सिंचाई व जल विभाग, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर), जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग ने कुल 432 करोड़ 76 लाख रुपये नाबार्ड से कर्ज लिया है।

हरियाणा अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग विभागों ने राष्ट्रीय विकलांग, पिछड़ा वर्ग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति विभागों से लगभग 11 करोड़ रुपये कर्ज अपने विभागों को चलाने के लिए लिया है। हरियाणा विद्युत विभाग ने लगभग 156 करोड़ रुपये इस कार्य अवधि के दौरान इंटरनेशल बैंक फॉर री-कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट से कर्ज लिया है।

हरियाणा हाउसिंग बोर्ड ने इस अवधि के दौरान दिल्ली स्थित हुडकों से लगभग 105 करोड़ रुपये व दिल्ली स्थित नेशनल हाउसिंग बैंक से लगभग 75 करोड़ रुपये अपने विभाग के विभिन्न कार्यो के लिए लिया है। 

वर्ष 2004-05 की अवधि में हरियाणा सरकार पर 23 हजार 320 करोड़ रुपये का कर्ज था। जो कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के 10 वर्ष के कार्यकाल में बढ़कर वर्ष 2013-14 के अंत में लगभग 71 हजार 305 करोड़ रुपये हो गया था। वर्ष 2015-16 के अंत तक हरियाणा सरकार पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed