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इंदिरापुरम में कांट्रैक्टर से 10 लाख रुपये लूटे

Fri, 17 Apr 2015 01:57 AM IST
अमर उजाला, इंदिरापुरम
अमर उजाला, इंदिरापुरम Updated Fri, 17 Apr 2015 01:57 AM IST
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Rs 10 lakh looted in Indirapuram Contractor.

टीएचए में बाइक सवार बदमाशों ने बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े नोएडा अथॉरिटी के ठेकेदार से 10 लाख लूट लिए। कांट्रेक्टर फ्लैट के बयाने में मिले रुपये लेकर ज्ञानखंड-1 स्थित बिल्डर के ऑफिस से अपनी कार में घर जा रहे थे।

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कुछ ही दूरी पर एक मारुति-800 कार उनकी कार के आगे रुकी। उन्होंने हॉर्न बजाया तो पीछे से एक युवक ने उनकी कार में बाइक ठोक दी। वह कार देखने बाहर निकले तो बाइक पर बैठे तीन युवक ने उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी।
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उन्हाने एक बदमाश की गर्दन पकड़ ली। इस पर बदमाश के दो साथियों ने उनके हाथ पकड़ते हुए गोली मारने की धमकी दी।

इसी बीच एक बदमाश ने गाड़ी में रखा रुपयों से भरा थैला उठाया और बाइक लहराते हुए एनएच-24 की ओर भाग गए। सूचना पर एसएसपी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

ज्ञानखंड-1 निवासी कांट्रेक्टर सुशील कुमार का पड़ोस में ही एक और फ्लैट है। इस फ्लैट को बेचने के लिए उन्होंने कॉलोनी के ही इंशा बिल्डर से संपर्क किया था। वैशाली निवासी रॉबिन सिंह फ्लैट खरीदने को तैयार हो गए।बृहस्पतिवार
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को रॉबिन सिंह अपने ससुर सुरेंद्र के साथ सुशील को फ्लैट के बयाने के 10 लाख रुपये देने पहुंचे थे। करीब सवा दस बजे सुशील रुपये लेकर बिल्डर के ऑफिस से निकले और अपनी एक्सयूवी कार से घर की ओर बढ़े।

चंद कदमों की दूरी पर सेंट थॉमस स्कूल के कट पर एक मारुति-800 उनकी कार के आगे रुक गई। इसी दौरान पीछे से आयी एक बाइक उनकी कार में जा भिड़ी। बाइक पर तीन युवक सवार थे।


सुशील कार देखने बाहर निकले ही थे कि बदमाश हथियारों के बल पर उनसे रुपये लूटकर भाग गए। चंद पलों में ही आगे रुकी मारुति-800 कार भी चली गई।

एसएसपी धर्मेंद्र सिंह, एएसपी विपिन टाडा और सीओ ने बिल्डर के ऑफिस के आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

एक दिन दिए जाने थे 10 लाख
फ्लैट खरीद रहे रॉबिन सिंह ने बताया कि उन्हें कहीं से बुधवार को पेमेंट मिलनी थी। इस कारण उन्होंने पहले सुशील को बुधवार को ही बयाना देने को कहा था। मगर पेमेंट में देरी हो गई।

इसके चलते बयाना बुधवार की जगह बृहस्पतिवार को दिया गया। उधर, सुशील ने बताया कि अगर बुधवार को बयाना दिया गया होता तो शायद उनकी मेहनत की कमाई बच गई।

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