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Antrix Devas Deal Case: अंतरिक्ष विभाग के दो भूतपूर्व अधिकारियों की जांच के सीबीआई को निर्देश, जानें मामला
Tue, 09 Sep 2025 09:22 AM IST
अनुज कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 09 Sep 2025 09:22 AM IST
सार
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को एंट्रिक्स-देवास सौदे में कथित अनियमितताओं की गहराई से जांच करने का निर्देश दिया है। एंट्रिक्स-देवास सौदे में पूर्व अंतरिक्ष विभाग अधिकारियों एसके दास और आरजी नादादुर की भूमिका की जांच करने का आदेश दिया। यह निर्देश वीना एस राव के 2020 के आवेदन पर आया, जिसमें उन्होंने सीबीआई जांच को अनुचित बताया।
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Court Room
- फोटो : ANI
विस्तार
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को एंट्रिक्स देवास सौदे के संबंध में आगे की जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि पूर्व अतिरिक्त सचिव एसके दास और पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी आरजी नादादुर की भूमिका और आचरण का पता लगाना होगा। दोनों ही उस समय अंतरिक्ष विभाग में कार्यरत थे।
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सीबीआई ने वर्ष 2016 में एंट्रिक्स-देवास घोटाले में एक आरोप पत्र दायर किया था, जो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की वाणिज्यिक शाखा एंट्रिक्स की तरफ से देवास मल्टीमीडिया को वाहनों और मोबाइल फोन में लगे मोबाइल रिसीवरों को वीडियो, मल्टीमीडिया और सूचना सेवाएं प्रदान करने के लिए इनसेट उपग्रहों के एक प्रतिबंधित तरंगदैर्ध्य, एस-बैंड को पट्टे पर देने में कथित अनियमितताओं से संबंधित था।
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विशेष सीबीआई न्यायाधीश अतुल कृष्ण अग्रवाल ने यह आदेश आरोपी वीना एस राव की ओर से 2020 में दायर एक आवेदन पर पारित किया है, जिसमें उन्होंने सीबीआई जांच को अनुचित और अन्यायपूर्ण बताया था। यह मामला आरोपों पर बहस के चरण में है। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि इस अदालत का यह मानना है कि एसके दास और आरजी नादादुर की भूमिका और आचरण के साथ-साथ उपरोक्त दस्तावेजों की बरामदगी के संबंध में आगे की जांच की आवश्यकता है।
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अदालत ने जांच अधिकारी (आईओ) को किसी भी अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच करने की स्वतंत्रता प्रदान की, जिसके विरुद्ध उसे कोई आपत्तिजनक सामग्री मिले। अभियुक्त वीना एस राव ने अधिवक्ता चिराग मदान के माध्यम से आगे की जांच की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया था।