दो साल पहले रेल सफर के दौरान खोई थी रोहिंग्या गर्ल, अब अपने परिवार से ऐसे मिली

टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 14 Jan 2018 11:17 AM IST
rohingya
rohingya - फोटो : indian express
ख़बर सुनें
वर्ष 2015 में नवंबर के महीने में बांगलादेश की सलीमा अख्तर जब अपनी मामी और उनके परिवार के साथ सफर कर रहे थे तब वह अपने परिवार से बिछड़ गई थी। बता दें कि 19 वर्षीय सलीमा की मामी का परिवार भारत में ही रहता है।
कोलकाता से दिल्ली के इस रेल के सफर में सलीमा जब मुरादाबाद के स्टेशन पर पानी भरने उतरी तब उसकी ट्रेन छूट गई और वह अपने परिवार से बिछड़ गई और तकरीबन दो साल बाद अपनी मां से फोन पर बात कर पाई।

दो साल बाद जब सलीमा ने अपनी मां से फोन पर बात की तब सबसे पहले उसने अपनी मां को सलाम कहा। वह अपनी मां को बहुत कुछ बताने के लिए बेताब थी। सलीमा की मां बांग्लादेश में रहती हैं। अभी कुछ ही हफ्तों पहले वह फोन पर अपनी मां को एक पिकनिक के बारे में बताना चाहती थी, जिसमें वो इरफान खान की फिल्म देखने गई गई थी।

वह फिल्म के साथ ही अपनी सहेलियों प्रियंका, अनामिका और निकिता के बारे में भी बताने के लिए बेताब थी। ये वही तीन सहेलियां हैं जो उसने पिछले दो साल में बनाई थीं। सलीमा दो साल से मुरादाबाद और लखनऊ के आश्र्य गृह में रही थी। बांगलादेश निवासी सलीमा केवल रोहिंग्या भाषा ही जानती थी जिसे उसकी मां समझ सकती थी।
आगे पढ़ें

सलीमा ने हिंदी क्लासेज भी जॉइन की

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Dehradun

अश्लील फिल्म देखने के बाद आठ साल की बच्ची से पांच नाबालिगों ने किया गैंगरेप

सहसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में आठ साल की मासूम से गैंग रेप का मामला प्रकाश में आया है। गैंग रेप करने वाले सभी आरोपी नाबालिग हैं।

16 जुलाई 2018

Related Videos

सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंडियों की नोएडा में ये है हालत

जहां बूंद भर पानी के लिए हलक हजार इम्तिहानों से गुजरे वो बुंदेलखंड। जहां घर से निकले कदम वापस ना मुड़ना चाहे वो बुंदेलखंड। जमीन के जिस टुकड़े से मौसम भी बेरुखी रखे वो बुन्देलखण्ड। हां आज हम बुंदेलखंड के महोबा जिले की कहानी लेकर आये हैं।

12 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen