रोहिणी हादसे की दर्दनाक कहानी: कैफ ने दोपहर में मां से की थी वीडियो कॉल पर बात, बाद में मिली मौत की खबर
रोहिणी में इमारत ढहने से कैफ और राम की मौत हो गई। दोनों परिवार आर्थिक संकट में हैं। परिजनों ने सरकार से मुआवजे और राम की पत्नी के लिए सरकारी नौकरी की मांग की है।
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आंबेडकर अस्पताल में अपने बेटे कैफ के शव को लेने आई उसकी मां साफिया का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने कहा कि बुधवार दोपहर को उसने बेटे से वीडियो कॉल पर बात की थी। उसे दस दिन बाद अपने गांव बहराइच के कैसरगंज जाना था।
साफिया ने बताया कि शाम में ही खबर मिली कि कैफ जिस इमारत में काम कर रहा था। वह ढह गई है जिसमें कैफ दब गया है। फिर देर रात जानकारी मिली कि उसकी मौत हो चुकी है। उसने बताया कि परिवार में तीन बेटियां और एक छोटा बेटा सैफ है। उनके पति मोहम्मद हारुण सागरपुर में गन्ने का जूस बेचते हैं, कैफ पीओपी काम कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था।
उसने अपनी तीन बहनों की शादी जल्द से जल्द करना चाहता था, इसलिए वह लगातार काम कर रहा था। तीन दिन पहले ही वह रोहिणी में काम करने के लिए आया था। वह द्वारका में अपने पिता के साथ किराए के मकान में रह रहा था। बेटे की मौत से परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। साफिया ने कहा कि सरकार की ओर से बेटे की मौत के लिए सहायता मिलनी चाहिए।
वहीं शव का इंतजार कर रहे राम के परिवार का भी रो-रोकर बुरा हाल था। छोटे भाई श्याम ने बताया कि राम के परिवार में पत्नी रेनू, बेटा मुकुल (13) और मोकक्षित (08) है। पिता की साल 2012 में मौत हो चुकी है। बुजुर्ग मां राम के परिवार के साथ ही रहती हैं। उनका बड़ा बेटा नौवीं और दूसरा छठी कक्षा में पढ़ता है। राम परिवार में अकेला कमाने वाले थे। जिस जगह पर हादसा हुआ है, उससे करीब सौ मीटर की दूरी पर उनकी बाइक रिपेयरिंग की दुकान थी।
घटना के समय वह बाइक के पार्ट्स लाने के लिए जा रहे थे। श्याम ने बताया कि उनकी पत्नी रेनू को चिंता सता जा रही है कि अब उनके परिवार का गुजारा कैसे होगा। ऐसे में परिवार प्रशासन और सरकार से मुआवजे की मांग कर रहा है। साथ ही राम की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है।