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ATC के आश्वासन पर रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल खत्म
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 06 Aug 2014 08:56 PM IST
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वेतन नहीं मिलने से बल्लभगढ़ स्थित बस डिपो पर तीन दिन से चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार की शाम एटीसी के आश्वासन पर खत्म हो गई।
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कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल के साथ चली एक घंटे बैठक की में एटीसी ने डिपो के सभी कर्मचारियों को इंक्रीमेंट के साथ वेतन देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा कर्मचारियों की अन्य मांगों को मानने की घोषणा पर कर्मचारियों ने चक्काजाम खोल दिया।
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पढ़ें-हर तरफ दिखा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का असर
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वेतन नहीं मिलने से गुस्साए रोडवेज कर्मचारियों ने बसों का चक्काजाम कर दिया था। हड़ताल के 48 घंटे बाद भी अधिकारियों की अनदेखी से गुस्साए रोडवेज कर्मचारियों ने बुधवार की सुबह हरियाणा के सभी डिपो पर दो घंटे काम छोड़कर विरोध प्रदर्शन किया।
इससे बल्लभगढ़ डिपो को करीब 36 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। साथ ही यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बसे नहीं मिलने से यात्री अधिक किराया चुका कर निजी वाहनों से गंतव्य तक पहुंचे।
बुधवार को एटीसी भूपेंद्र सिंह बात के लिए बल्लभगढ़ गेस्ट हाउस पहुंचे। कर्मचारियों की ओर से यूनियन के स्टेट प्रधान दलवीर मेहरा, उपप्रधान जवाहर सिंह रावत, डिपो प्रधान रविंद्र नागर, राम आसरे, नेमचंद्र शर्मा, ओमी चंद्र, नेपाल सिंह के प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक की।
इसमे वेतन बढ़ाने के साथ समय पर भुगतान की मांग की गई। उन्होंने कर्मचारियों को बढ़े वेतन मिलने का आश्वासन देते हुए एक दिन का समय मांगा। एटीसी ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि तीन दिन हुई हड़ताल में भी किसी का वेतन नहीं कटेगा। जिसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर काम पर लौटे।
रूटों के निर्धारण के लिए जेल भरो आंदोलन
आश्वासन के बाद भी विभिन्न रूटों पर दौड़ रही निजी बसों का परमिट रद्द नहीं हुआ। इससे गुस्साए रोडवेज कर्मचारी शुक्रवार को जेल भरो आंदोलन का आह्वान किया है। यूनियन के डिपो प्रधान रविंद्र नागर ने बताया कि हरियाणा रोडवेज ने यात्रियों की सहूलियत के लिए 62 निजी आपरेटरों को विभिन्न रूटों का परमिट दिया था। जबकि कर्मचारी सरकार से रोडवेज की बसों को ही उन रूटों का भी परमिट देने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन होगा।