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हरियाणा रोडवेज की हड़ताल जारी, 30 हजार यात्री हुए परेशान
ब्यूरो, अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Tue, 07 Aug 2018 08:28 PM IST
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Bus Strike in Haryana
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हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर मंगलवार को जिले में रोडवेज की बसें नहीं चलीं। सोमवार आधी रात से जिले में सभी रोडवेज वाहनों के पहिये थम गए। करीब 150 रोडवेज की बसों के नहीं चलने के कारण 30 हजार से अधिक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
निजी वाहन, ओला-ऊबर ऑटो व कैब के जरिये अपने गंतव्य तक लोग पहुंचे। सिटी बसें नहीं मिलने से सुबह सड़कों पर लोगों को हुजूम देखने को मिला, तो कुछ सार्वजनिक वाहन की तलाश में भटकते रहे। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों को 10-20 रुपये की जगह 100 रुपये से अधिक खर्च करने पड़े। वहीं, हड़ताल के कारण रोडवेज को एक दिन में 14.55 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
रोडवेज की बसें नहीं चलने के कारण निजी बसें और ऑटो चालकों ने मनमाना किराया वसूला। वहीं हड़ताली रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो के आगे बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गुरुग्राम बस डिपो में लंबे रूट की 89 बसें विभिन्न रूटों पर चलती हैं।
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करीब 55 सिटी बसें शहर के विभिन्न रूटों पर चलती हैं और 18 वोल्वो बसें चलती हैं। मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी और प्रदेशव्यापी हड़ताल करने का ऐलान किया था। ऐसे में रोडवेज यूनियन नेताओं ने सोमवार रात को ही बस डिपो में अपना डेरा डाल दिया था।
सिटी बसें नहीं चलने के कारण इफ्को चौक, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सेक्टर-12 चौक पर यात्रियों को अन्य वाहनों का रुख करना पड़ा। नए गुरुग्राम, हूडा सिटी सेंटर, सेक्टर-29, इफ्को चौक जाने वाले यात्रियों को निजी बसों और ऑटो का सहारा लेना पड़ा।
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निजी वाहन, ओला-ऊबर ऑटो व कैब के जरिये अपने गंतव्य तक लोग पहुंचे। सिटी बसें नहीं मिलने से सुबह सड़कों पर लोगों को हुजूम देखने को मिला, तो कुछ सार्वजनिक वाहन की तलाश में भटकते रहे। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों को 10-20 रुपये की जगह 100 रुपये से अधिक खर्च करने पड़े। वहीं, हड़ताल के कारण रोडवेज को एक दिन में 14.55 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
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रोडवेज की बसें नहीं चलने के कारण निजी बसें और ऑटो चालकों ने मनमाना किराया वसूला। वहीं हड़ताली रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो के आगे बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गुरुग्राम बस डिपो में लंबे रूट की 89 बसें विभिन्न रूटों पर चलती हैं।
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करीब 55 सिटी बसें शहर के विभिन्न रूटों पर चलती हैं और 18 वोल्वो बसें चलती हैं। मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी और प्रदेशव्यापी हड़ताल करने का ऐलान किया था। ऐसे में रोडवेज यूनियन नेताओं ने सोमवार रात को ही बस डिपो में अपना डेरा डाल दिया था।
सिटी बसें नहीं चलने के कारण इफ्को चौक, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सेक्टर-12 चौक पर यात्रियों को अन्य वाहनों का रुख करना पड़ा। नए गुरुग्राम, हूडा सिटी सेंटर, सेक्टर-29, इफ्को चौक जाने वाले यात्रियों को निजी बसों और ऑटो का सहारा लेना पड़ा।
Bus Strike in Haryana
ये हैं हड़ताली कर्मियों की मांगें...
पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली, समान काम समान वेतन, सभी खाली पदों पर पक्की भर्ती, मोटर व्हीकल एक्ट संशोधित बिल के खिलाफ, प्राइवेट बसें ठेके पर लेने का विरोध।
सुबह ही रूटों पर निकल गईं एक दर्जन बसें...
एक तरफ जहां विभिन्न यूनियनों द्वारा बसों के पहिए थाम दिए गए थे वहीं रोडवेज विभाग के कुछ चालकों ने तड़के ही अपनी बसें सवारियां भरकर निकाल लीं। जिनमें से करीब छह बसें वोल्वो की चंडीगढ़ के लिए निकली व करीब सात बसे विभिन्न लंबे रूट पर निकली। इसको लेकर यूनियन नेताओं व कर्मचारियों के बीच झगड़ा भी हुआ।
चंडीगढ़ व जयपुर के लिए करीब एक दर्जन बसें चली हैं, बाकी बसें नहीं चलीं। अगर बुधवार को भी हड़ताल रहती है तो यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। -राजीव नागपाल, महाप्रबंधक, बॉडी सेक्शन विंग, गुरुग्राम
सरकार ने 2017 में भर्ती हुए 1700 कर्मचारियों को निकालने का आदेश जारी कर दिया है अगर सरकार बुधवार तक यह नोटिस वापस नहीं लेती है तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। -संदीप दलाल, डिपो प्रधान, इंटक, गुरुग्राम
पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली, समान काम समान वेतन, सभी खाली पदों पर पक्की भर्ती, मोटर व्हीकल एक्ट संशोधित बिल के खिलाफ, प्राइवेट बसें ठेके पर लेने का विरोध।
सुबह ही रूटों पर निकल गईं एक दर्जन बसें...
एक तरफ जहां विभिन्न यूनियनों द्वारा बसों के पहिए थाम दिए गए थे वहीं रोडवेज विभाग के कुछ चालकों ने तड़के ही अपनी बसें सवारियां भरकर निकाल लीं। जिनमें से करीब छह बसें वोल्वो की चंडीगढ़ के लिए निकली व करीब सात बसे विभिन्न लंबे रूट पर निकली। इसको लेकर यूनियन नेताओं व कर्मचारियों के बीच झगड़ा भी हुआ।
चंडीगढ़ व जयपुर के लिए करीब एक दर्जन बसें चली हैं, बाकी बसें नहीं चलीं। अगर बुधवार को भी हड़ताल रहती है तो यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। -राजीव नागपाल, महाप्रबंधक, बॉडी सेक्शन विंग, गुरुग्राम
सरकार ने 2017 में भर्ती हुए 1700 कर्मचारियों को निकालने का आदेश जारी कर दिया है अगर सरकार बुधवार तक यह नोटिस वापस नहीं लेती है तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। -संदीप दलाल, डिपो प्रधान, इंटक, गुरुग्राम