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Delhi NCR News: कब्रिस्तान के बाहर नरक बना रास्ता, कीचड़ और गंदगी के बीच गुजर रहे जनाजे
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- जनाजे भी कीचड़ में मजबूर, पिनगवां की जर्जर सड़क ने खोली विकास की हकीकत
फोटो- कब्रिस्तान के सामने पड़ा कूड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। कस्बे में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच कब्रिस्तान के सामने की सड़क बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रही है, जिसने लोगों की संवेदनाओं को झकझोर दिया है। सड़क पर फैले कीचड़, गंदे पानी और कचरे के बीच न केवल रोजमर्रा का आवागमन मुश्किल हो गया है, बल्कि अपनों को अंतिम विदाई देना भी सम्मानजनक नहीं रह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनाजे को कब्रिस्तान तक ले जाने में परेशानी होती है और कई बार नमाज-ए-जनाजा अदा करने के लिए भी साफ जगह नसीब नहीं होती। शनिवार को संवाद कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और ग्रामीणों ने सरपंच व प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर कोसा।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही को इस दुर्दशा की वजह बताया। उनका आरोप है कि सड़क की ढलान गलत बनाए जाने से बीच का हिस्सा तालाब में तब्दील हो गया है, जहां पूरे इलाके का गंदा पानी, कीचड़ और सब्जी मंडी का कचरा जमा रहता है। लोगों का कहना है कि आगे बने नाले से सड़क को जोड़कर इस समस्या का समाधान आसानी से किया जा सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता हजारों लोगों की पीड़ा बढ़ा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क का पुनर्निर्माण कराकर लोगों को नारकीय स्थिति से राहत दिलाने और दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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असली गलती ठेकेदार की है जिसने कुछ समय पहले सड़क का निर्माण किया था। हमने उसे चेताया था, लेकिन ढलान को सही नहीं किया। -दीन मोहम्मद, पिनगवां।
यह कब्रिस्तान जाने का इकलौता मार्ग है। कीचड़ और गंदगी इतनी ज्यादा है कि जनाजे को लेकर यहाँ से निकलना पूरी तरह दुर्लभ हो चुका है। -जुनेद, पिनगवां।
सड़क टूटी होने के साथ-साथ यहां अनाज मंडी और सब्जी मंडी का बचा-कुचा कचरा और गंदा पानी आकर जमा हो जाता है। -मोहम्मद शफीक, पिनगवां।
प्रशासन और सरपंच थोड़ा ध्यान दें तो यह बड़ा काम नहीं है। आगे ही बड़ा नाला मौजूद है। सड़क के इस हिस्से को मिट्टी से भरकर ऊंचा किया जाए। -समसुद्दीन, ग्रामीण।
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फोटो- कब्रिस्तान के सामने पड़ा कूड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। कस्बे में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच कब्रिस्तान के सामने की सड़क बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रही है, जिसने लोगों की संवेदनाओं को झकझोर दिया है। सड़क पर फैले कीचड़, गंदे पानी और कचरे के बीच न केवल रोजमर्रा का आवागमन मुश्किल हो गया है, बल्कि अपनों को अंतिम विदाई देना भी सम्मानजनक नहीं रह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनाजे को कब्रिस्तान तक ले जाने में परेशानी होती है और कई बार नमाज-ए-जनाजा अदा करने के लिए भी साफ जगह नसीब नहीं होती। शनिवार को संवाद कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और ग्रामीणों ने सरपंच व प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर कोसा।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही को इस दुर्दशा की वजह बताया। उनका आरोप है कि सड़क की ढलान गलत बनाए जाने से बीच का हिस्सा तालाब में तब्दील हो गया है, जहां पूरे इलाके का गंदा पानी, कीचड़ और सब्जी मंडी का कचरा जमा रहता है। लोगों का कहना है कि आगे बने नाले से सड़क को जोड़कर इस समस्या का समाधान आसानी से किया जा सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता हजारों लोगों की पीड़ा बढ़ा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क का पुनर्निर्माण कराकर लोगों को नारकीय स्थिति से राहत दिलाने और दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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असली गलती ठेकेदार की है जिसने कुछ समय पहले सड़क का निर्माण किया था। हमने उसे चेताया था, लेकिन ढलान को सही नहीं किया। -दीन मोहम्मद, पिनगवां।
यह कब्रिस्तान जाने का इकलौता मार्ग है। कीचड़ और गंदगी इतनी ज्यादा है कि जनाजे को लेकर यहाँ से निकलना पूरी तरह दुर्लभ हो चुका है। -जुनेद, पिनगवां।
सड़क टूटी होने के साथ-साथ यहां अनाज मंडी और सब्जी मंडी का बचा-कुचा कचरा और गंदा पानी आकर जमा हो जाता है। -मोहम्मद शफीक, पिनगवां।
प्रशासन और सरपंच थोड़ा ध्यान दें तो यह बड़ा काम नहीं है। आगे ही बड़ा नाला मौजूद है। सड़क के इस हिस्से को मिट्टी से भरकर ऊंचा किया जाए। -समसुद्दीन, ग्रामीण।
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