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Delhi NCR News: बुरी खबर संवेदनशीलता के साथ बताएंगे आरएमएल अस्पताल के डॉक्टर
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अलग-अलग 12 विभागों के 325 रेजिडेंट डॉक्टर को सॉफ्ट स्किल की दी गई ट्रेनिंग
अस्पताल में मरीजों और डॉक्टरों के बीच होने वाले टकराव को दूर करने की पहल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने (आरएमएल) उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले मरीजों के परिजनों को बुरी खबर देने से लेकर मरीज और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच होने वाले टकराव को दूर करने के लिए सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम की पहल की है। जिससे स्वास्थ्यकर्मी मरीज और तीमारदार के साथ संवेदनशीलता के साथ पेश आएं।
इस प्रोग्राम के तहत 12 विभागों के 325 रेजिडेंट डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। जल्द ही इमरजेंसी विभाग में कार्यरत अलग-अलग विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों को भी बूस्टर ट्रेनिंग देने की तैयारी है। इसके तहत इमरजेंसी मेडिसिन, मेडिसिन ,सर्जरी और हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
अस्पताल के मनोरोग विभाग प्रमुख और उत्कृष्ट मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की अध्यक्ष प्रो. डॉक्टर मीना चंद्रा ने बताया कि अस्पताल के निदेशक डॉ. अशोक कुमार के दिशा-निर्देशों पर यह कदम उठाया गया है। इस सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग के चार पहलू है। यह संचार कौशल, संघर्ष प्रबंधन, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और तनाव प्रबंधन के साथ-साथ बुरी खबर बताने पर केंद्रित है।
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इस कार्यक्रम में ऑडियो-विजुअल शिक्षण सहायक सामग्री और रोल-प्ले के उपयोग के साथ जागरूकता और कौशल निर्माण पर एक मिश्रित दृष्टिकोण शामिल है। प्रत्येक सत्र दो घंटे की अवधि का होता है। जिसमें परीक्षा पूर्व और पश्चात मूल्यांकन शामिल होता है। नर्सिंग कर्मियों को ट्रेनिंग दी चुकी है। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य डॉक्टर और मरीज व तीमारदारों के बीच समन्वय स्थापित करना है।
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अस्पताल में मरीजों और डॉक्टरों के बीच होने वाले टकराव को दूर करने की पहल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने (आरएमएल) उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले मरीजों के परिजनों को बुरी खबर देने से लेकर मरीज और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच होने वाले टकराव को दूर करने के लिए सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम की पहल की है। जिससे स्वास्थ्यकर्मी मरीज और तीमारदार के साथ संवेदनशीलता के साथ पेश आएं।
इस प्रोग्राम के तहत 12 विभागों के 325 रेजिडेंट डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। जल्द ही इमरजेंसी विभाग में कार्यरत अलग-अलग विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों को भी बूस्टर ट्रेनिंग देने की तैयारी है। इसके तहत इमरजेंसी मेडिसिन, मेडिसिन ,सर्जरी और हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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अस्पताल के मनोरोग विभाग प्रमुख और उत्कृष्ट मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की अध्यक्ष प्रो. डॉक्टर मीना चंद्रा ने बताया कि अस्पताल के निदेशक डॉ. अशोक कुमार के दिशा-निर्देशों पर यह कदम उठाया गया है। इस सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग के चार पहलू है। यह संचार कौशल, संघर्ष प्रबंधन, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और तनाव प्रबंधन के साथ-साथ बुरी खबर बताने पर केंद्रित है।
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इस कार्यक्रम में ऑडियो-विजुअल शिक्षण सहायक सामग्री और रोल-प्ले के उपयोग के साथ जागरूकता और कौशल निर्माण पर एक मिश्रित दृष्टिकोण शामिल है। प्रत्येक सत्र दो घंटे की अवधि का होता है। जिसमें परीक्षा पूर्व और पश्चात मूल्यांकन शामिल होता है। नर्सिंग कर्मियों को ट्रेनिंग दी चुकी है। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य डॉक्टर और मरीज व तीमारदारों के बीच समन्वय स्थापित करना है।