फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   review petition dismissed to dismantle njac

एनजेएसी को निरस्त करने के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका खारिज

Sat, 01 Dec 2018 09:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Sat, 01 Dec 2018 09:35 PM IST
विज्ञापन
review petition dismissed to dismantle njac
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) को निरस्त करने के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। मालूम हो कि एनजेएसी के जरिए शीर्ष अदालत और हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति में सरकार ने दखल देने की कोशिश की थी। 

विज्ञापन


संविधान में संशोधन कर सरकार ने कोलेजियम सिस्टम को खत्म करते हुए एनजेएसी के जरिए जजों की नियुक्ति का निर्णय लिया था। लेकिन 16 अक्टूबर, 2015 को पांच सदस्यीय संविधान पीठ(4:1) ने बहुमत केआधार पर एनजेएसी को निरस्त कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ नेशनल लॉयर्स कंपेन फॉर ज्यूडिशियल ट्रांसपरेंसी एंड रिफॉर्म ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस रंजन गोगई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर, न्यायमूर्ति कूरियन जोसफ, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने पाया कि पुनर्विचार याचिका दायर करने में 470 दिनों की देरी हुई है और याचिकाकर्ता केपास इस देरी का संतोषजनक उत्तर नहीं था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

पीठ ने कहा कि पुनर्विचार याचिका महज देरी के आधार पर भी खारिज हो सकती है। लेकिन पीठ ने यह भी कहा कि याचिका में मेरिट का अभाव है। लिहाजा याचिका दायर करने में देरी और मेरिट केअभाव के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। 


सनद रहे कि 16 अक्टूबर, 2015 को पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने एनजेएसी को न्यायपालिका की स्वतंत्रता में दखल बताया था। संविधान पीठ ने कहा था कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। संविधान पीठ ने एनजेएसी को निरस्त करते हुए कोलेजियम सिस्टम को बहाल रखा था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed