खुलासा: असलहे के शौक में ऐसे लोगों के लाइसेंस जारी, जो हैं ही नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असलहे का लाइसेंस बनवाने वाले पुलिस के निशाने पर हैं। खुलासा हुआ कि असलहे के शौक में ऐसे भी लाइसेंस जारी हुए हैं, जो जन्में ही नहीं है। ऐसे सभी लाइसेंस नागालैंड से जारी हुए हैं।
साइबर सिटी में लाइसेंसी असलहा रखने का शौक पूरा करने वालों के 88 लाइसेंस संदिग्ध है। कमिश्ररी में करीब 6 हजार लाइसेंस धारक हैं। जिसकी जांच रिपोर्ट का पुलिस को इंतजार है।
जानकारों के अनुसार, नगालैंड से जारी होने वाले लाइसेंस में गंभीर अनियमितता भी है। लाइसेंस तो जारी नगालैंड से हैं पर तरीका गलत हैं। जो बात सामने आ रही है।
बदमाश के पास मिला लाइसेंस निकला फर्जी
उसमें यह है कि लाइसेंस नंबर पुराना है। लाइसेंस होल्डर ने नगालैंड छोड़ दिया है। उस नंबर पर नया लाइसेंस जारी किया गया है। ऐसे भी लाइसेंस हैं जिसमें असलहा धारक की उम्र 22 साल है और उसके लाइसेंस का नंबर 1990 का जारी किया हुआ है।
ऐसे में लाइसेंस नंबर जारी होने के समय नया लाइसेंस धारक पैदा भी नहीं हुआ था। अपराध शाखा एक की टीम ने एक बदमाश प्रशांत के पास से दो हथियार बरामद किए थे। इसमें एक अवैध था। दूसरा कानपुर से खरीदा हुआ था लेकिन लाइसेंस नगालैंड से बना था। अपराध शाखा ने जांच करायी तो उक्त लाइसेंस निरस्त मिला है।
नगालैंड के बने लाइसेंस मुसीबत बने हुए हैं। अपराधियों के पास मिलने वाले लाइसेंस नगालैंड के हैं। इनको वेरीफाई कराया जा रहा है।-संजीव बल्हारा एसीपी क्राइम गुरुग्राम