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सख्त और सही दिशा में कदम उठाने की जरूरत, मजबूत हो इंटेलिजेंस सिस्टम
Sun, 17 Feb 2019 08:35 AM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 17 Feb 2019 08:35 AM IST
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हमले के बाद मोर्चा लेते जवान (file)
- फोटो : अमर उजाला
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पुलवामा की घटना के बाद देशभर में गुस्से का माहौल है। कई लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पाकिस्तान पर अटैक कर देना चाहिए। वहीं, कई लोग बातचीत को विकल्प मानते हैं। लेकिन आर्मी में रह चुके अनुभवी लोगों से बात करें तो तस्वीर के कई अन्य पहलू भी सामने आते हैं। हमने शहर के कुछ ऐसे ही अवकाश प्राप्त सेना अधिकारियों से बातचीत की। साथ ही इस घटना के बाद क्या विकल्प हो सकते हैं, इस पर उनकी राय ली।
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बेहतर विकल्पों पर ध्यान देने की जरूरत
कई लोग पाकिस्तान पर अटैक कर उसे नेस्तनाबूद करने की बात कर रहे हैं। लेकिन यह विकल्प नहीं है। आतंकवाद एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। सभी को साथ मिलकर हल निकालना है। 16 साल अफगानिस्तान में रहकर भी अमेरिका तालिबान को पूरी तरह नष्ट नहीं कर पाया है। बेहतर विकल्पों पर ध्यान देना आवश्यक है। पाकिस्तान से मोस्ट फे वर्ड नेशन का दर्जा वापस लेना एक बेहतर कदम है। भविष्य में भी पाकिस्तान से व्यापार के सारे रास्ते बंद करने चाहिए। साथ ही टेरर फंडिंग रोकने के लिए कूटनीतिक कदम उठाए जाने की जरूरत है। टेरर फंडिंग के बिना ऐसी गतिविधियां नहीं हो सकेंगी। इसे रोकने के हर संभव प्रयास होने चाहिए। लोकल लेवल पर आर्मी यूनिट को फ्री हैंड करना चाहिए। -कैप्टन, विकास गुप्ता, अवकाश प्राप्त
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आतंकियों को अंदर से सपोर्ट मिलना बंद हो
यदि घर में सुधार ना हो तो बाहरी ताकतों को कैसे रोका जा सकता है । हमलावर देश में मौजूद था । आतंकवादियों को आर्मी की लोकेशन और जानकारी भेजने व उनकी मदद करने वालों में स्थानीय लोग शामिल रहते हैं। ऐसे में स्थिति और खराब हो जाती है। लोकल लोगों का ब्रेनवॉश किया जाता है। वह मरने से डरते नहीं है और ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। इन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। उनके परिवारों को सख्त मेसेज देने की जरूरत है। आतंकवादियों को देश के अंदर से सपोर्ट मिलना बंद हो जाएगा तो ऐसी घटनाएं रोकी जा सकेंगी। -मेजर, आर के शर्मा, अवकाश प्राप्त
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एक्शन जल्दी होना चाहिए
इतनी बड़ी घटना हो जाए और पता ना चले तो यह कहीं ना कहीं इंटेलिजेंस की विफलता भी दर्शाती है। यह विस्फोटक एक दिन में इकट्ठा नहीं हुए होंगे। इंटेलिजेंस सिस्टम को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही नेशनल हाइवे पर भी सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। यदि चेकिंग सही प्रकार से हो तो ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं। यह टाइम ना अटैक का है ना ही सिर्फ बातचीत का। हमें सही दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। सभी पार्टी, आर्मी, एयरफोर्स, नेवी की बैठक कर विचार विमर्श होना चाहिए। जो भी एक्शन हों वह जल्द से जल्द लेने चाहिए। एक संदेश जाना चाहिए कि भारत एक्शन ले सकता है। -मेजर जनरल, एस के दत्त, अवकाश प्राप्त
कूटनीतिक रणनीति से काम किया जाए
भारत के पास दो विकल्प हैं। पहला सैनिक, जिसके हर पक्ष के बारे में सभी को जानकारी नहीं होती है। इसका पता समय आने पर ही लगेगा जैसे सर्जिकल स्ट्राइक के समय पता लगा कि यह भी एक विकल्प है। दूसरा कूटनीतिक, राजनैतिक है, जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बनाने के प्रयास होने चाहिए। विश्व के अन्य देशों का समर्थन जुटाना होगा। बेहतर कूटनीतिक रणनीति बनाने की जरूरत है। - कर्नल, शशि वैध, अवकाश प्राप्त