सील नहीं होंगे रिहायशी इलाकों के उद्योग
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नई दिल्ली के तीनों नगर निगम ने रिहायशी इलाकों में चल रहे उद्योगों को सील
मंगलवार को उपराज्यपाल से मुलाकात कर तीनों मेयर ने सीलिंग कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम से वास्तविक रिपोर्ट लिए बिना कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उनकी बात सुनने के बाद उपराज्यपाल ने आश्वस्त किया कि जब तक नगर निगम खुद सुनिश्चित न कर ले, सीलिंग की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
दिल्ली के तीनों मेयरों ने जताया विरोध
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर योगेंद्र चंदोलिया, पूर्वी दिल्ली नगर निगम
मेयर मीनाक्षी, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मेयर खुशी राम व अन्य नेताओं
ने उपराज्यपाल नजीब जंग से राजनिवास में मुलाकात की।
उन्होंने रिहायशी
क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों को सील करने की कार्रवाई को स्थगित करने का
अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जब तक कि इन इकाईयों का सर्वेक्षण कर यह
सुनिश्चित नहीं कर लिया जाता कि वे किस श्रेणी के उद्योग हैं, तब तक सीलिंग
कार्रवाई को अंजाम देना सही नहीं है।
उन्होंने मांग की कि पुन: स्थापित की गई औद्योगिक इकाईयों को सुचारु रूप से
चलाने के लिए बुनियादी सुविधाएं मुहैया होनी चाहिए। उन्होंने भोरगढ़ का
मामला उपराज्यपाल के समक्ष उठाया। उन्होंने बताया कि यहां छह सौ इकाईयों को
पुनर्स्थापित किया गया है, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मुहैया
कराई गईं हैं।
सर्वेक्षण के बाद होगी आगे की कार्रवाई
मंगलवार को उपराज्यपाल से मुलाकात कर तीनों मेयर ने सीलिंग कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग की। इस मुलाकात के दौरान तीनों मेयर ने अपनी बात रखी।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर योगेन्द्र चन्दोलिया ने कहा की कुछ इकाईयों ने मास्टर प्लान-2021 के तहत
अनुमति प्राप्त उद्योगों में अपने प्रतिबंधित उद्योगों को परिवर्तित कर
लिया हैं, इन इकाईयों को भी सीलिंग का भय है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को
पुनर्स्थापित इकाइयों को उनकी जरूरत के अनुसार मूलभूत सुविधाएं मुहैया
कराने के संबंध में सुनिश्चित करना होगा।
उपराज्यपाल ने उनकी मांगों को
स्वीकार करते हुए तीनों नगर निगम के आयुक्तों को तुरंत प्रभाव से सीलिंग
प्रक्रिया तब तक रोकने के आदेश दिए जब तक सर्वेक्षण कर वास्तविक स्थिति
स्पष्ट न हो जाए।