सैलून में शेव कराते हैं, तो जरूर पढ़ें ये खबर
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दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने 12 वर्ष तक के 2,000 से अधिक स्कूली बच्चों पर अध्ययन किया। इसमें यह बात सामने आई कि भारत में हेपेटाइटिस ए से बचाव के लिए वैक्सीन की जरूरत नहीं है।
एम्स के गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. एसके आचार्य के मुताबिक, ऐसा देखा गया है कि एम्स आने वाले हेपेटाइटिस सी के मरीजों में से 50 फीसदी में यह बीमारी ब्लड ट्रांसफ्यूजन की वजह से हुई है। लिहाजा ब्लड ट्रांसफ्यूजन पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
इसके अलावा हेपेटाइटिस सी संक्रमित इंजेक्शन, एक ही रेजर से दो लोगों की शेव बनाने सहित कुछ अन्य कारणों से हेपेटाइटिस सी का खतरा रहता है।
क्या है उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लिवर 20 से 30 फीसदी भी काम करता है तो व्यक्ति को सामान्य जीवन जीने में दिक्कत नहीं होती। ऐसे में कई वर्षों से लिवर की बीमारी होने के बाद भी मरीज को उसका पता नहीं चल पाता। बीमारी से बचाव के लिए उबला हुआ पानी पीने, सड़क किनारे का खाना नहीं खाने, अल्कोहल का सेवन नहीं करने और मोटापा पर नियंत्रण करके लिवर संबंधी बीमारी पर नियंत्रण रखा जा सकता है।
विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव लव वर्मा ने कहा कि हेपेटाइटिस बीमारी पर निगरानी रखने के लिए 10 क्षेत्रीय प्रयोगशाला का निर्माण किया जाएगा। इसका काम इलाके में इस बीमारी पर निगरानी रखने का होगा।
इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बैलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) ने सोमवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान आईएलबीएस और विश्व स्वास्थ्य संगठन के बीच इस बीमारी से लड़ने के लिए समझौता हुआ है। कार्यक्रम में आईएलबीएस के निदेशक डॉक्टर एसके सरीन, भारत में डब्ल्यूएचओ के प्रमुख डॉक्टर नाटा मिन्वाडे, भारत सरकार के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉक्टर जगदीश प्रसाद के अलावा अन्य चिकित्सक और अधिकारी उपस्थित थे।