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DU: अब एसओएल में रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा, DDCE ने ऑस्ट्रेलिया के विवि मास्टर यूनियन के साथ किया करार
Tue, 28 Mar 2023 03:34 AM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 28 Mar 2023 03:34 AM IST
सार
डीडीसीई ने बाजार आधारित स्किल कोर्सेज कराने वाले ऑस्ट्रेलिया के संगठन मास्टर यूनियन के साथ भी करार किया है। इस करार के तहत मास्टर यूनियन के छात्र एसओएल के डिग्री प्रोग्राम में दाखिला ले सकेंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं सतत शिक्षा विभाग, कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग (डीडीसीई-सीओएल)) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग(एसओएल) में अब छात्रों को रिसर्च(शोध) करने का अवसर मिलेगा। दीर्घकालिक व लघुकालिक शोध की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छात्रों में शोधार्थी वाले गुण विकसित हो सकें। इसके लिए दूरस्थ एवं सतत शिक्षा विभाग ने ऑस्ट्रेलिया के वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय के साथ एक करार किया है। इस करार के तहत पांच साल तक दोनों संस्थान एक दूसरे का शैक्षणिक, शोध, संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग करेंगे। इसमें छात्रों के क्रेडिट एक्सचेंज की भी योजना है।
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डीडीसीई ने बाजार आधारित स्किल कोर्सेज कराने वाले संगठन मास्टर यूनियन के साथ भी करार किया है। इस करार के तहत मास्टर यूनियन के छात्र एसओएल के डिग्री प्रोग्राम में दाखिला ले सकेंगे। जबकि उनके पास जो संसाधन हैं उनका उपयोग डीडीसीई भी कर सकेगा। डीडीसीई-सीओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि हमने ऑस्ट्रेलिया की वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय के साथ एक पांच साल का करार किया है। इस करार के लिए वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय की सम-कुलपति प्रो लिंडा टेलर उपस्थित थी। इस समझौता ज्ञापन के तहत अनुसंधान परियोजनाएं, सम्मेलन, सेमिनार, संगोष्ठी व शैक्षणिक गतिविधियों को किया जाएगा।
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इसका मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों का विकास करना है। इसके तहत छात्रों व शिक्षकों के एक्सचेंज प्रोग्राम भी होंगे। दोनों संस्थानों के छात्र सतत विकास, एग्रीकल्चर, पर्यावरण व जीवन शैली जैसे क्षेत्रों में शोध करेेंगे। इसके लिए उन्हें सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि दोनों संस्थानों के बीच छात्रों के क्रेडिट एक्सचेंज हो सके तो उसे भी किया जाएगा। इससे दोनों संस्थानों के छात्रों को सीखने के ज्यादा अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
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