खरीदार की जमा धनराशि ब्याज समेत वापस दे बिल्डर, रेरा ने बायर की शिकायत पर सुनाया फैसला
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रेरा ने सुपरटेक बिल्डर को एक फ्लैट खरीदार की जमा धनराशि 33.31 लाख रुपये को ब्याज समेत 45 दिन में वापस लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही समय पर कब्जा नहीं देने पर ढाई साल के दौरान का दंड ब्याज भी देना होगा। वहीं रेरा का फैसला आने से फ्लैट खरीदारों में एक नई उम्मीद जगी है।
नई दिल्ली के वसुंधरा एंक्लेव के मनसारा अपार्टमेंट निवासी सौरभ रोहिल्ला ने सुपरटेक के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने जुलाई, 2012 में सुपरटेक के इको विलेज-2 प्रोजेक्ट में 1010 वर्ग फीट क्षेत्रफल का फ्लैट बुक कराया था।
बुकिंग के समय बिल्डर ने अक्तूबर, 2015 में कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन बिल्डर ने कब्जा नही दिया। इस दौरान सौरभ बिल्डर को 33 लाख रुपये का भुगतान कर चुके थे। बाद में बिल्डर ने फ्लैट का क्षेत्रफल बढ़ाने, किसान प्रतिकर समेत अन्य शुल्क के रूप में सात लाख रुपये की मांग की।
सात में उसे सौरभ ने चार लाख रुपये बिल्डर को दे दिए। जबकि, उसे केवल 1.50 लाख रुपये देने थे। भुगतान करने के बाद बिल्डर ने मई, 2016 तक कब्जा देने का आश्वासन दिया। सौरभ रोहिल्ला ने बताया कि काफी इंतजार करने के बाद दिसंबर, 2017 में बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई और बिल्डर के पास जमा धनराशि ब्याज समेत वापस कराने की मांग की।
रेरा ने अनुबंध का किया परीक्षण
सुनवाई के दौरान रेरा ने पाया कि बुकिंग के समय से अब तक खरीदार बिल्डर को 33.31 लाख रुपये का भुगतान कर चुका है, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया है। साथ ही अनुबंध का भी परीक्षण किया।
जिसके तहत अगर खरीदार समय पर बिल्डर को किश्त का भुगतान नहीं करता है तो उसे 24 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से दंड ब्याज देना होगा। वहीं अगर बिल्डर समय पर कब्जा नहीं देता है तो निर्धारित तिथि से विलंब कब्जा देने की तिथि तक बिल्डर को पांच रुपये प्रति वर्ग फीट प्रति माह की दर से विलंब ब्याज देगा।
45 दिन में पैसा वापस करे बिल्डर
सुनवाई के बाद रेरा ने खरीदार के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है। बिल्डर को खरीदिार के 33.31 लाख रुपये को 18 प्रतिशत वार्षिक दर से 45 दिन के अंदर वापस लौटाने होंगे। साथ ही एक नवंबर, 2015 से 30 अप्रैल, 2018 तक दंड ब्याज भी देना होगा। अगर बिल्डर निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं करता है तो फिर खरीदार को यह अधिकार होगा कि वह रेरा के माध्यम से भू-राजस्व के बकाए की भांति की तरह बिल्डर से वसूली करवा सकता है।
रेरा के फैसले से खरीदारों में जगी उम्मीद
एक फ्लैट खरीदार के पक्ष में रेरा का फैसला आने से बाकी खरीदारों में खुशी का माहौल है। उनको उम्मीद है कि बिल्डरों की मनमानी से मुक्ति मिलेगी, जो बिल्डर खरीदारों को शोषण कर रहे है, उनके खिलाफ रेरा में शिकायत की जाएगी। नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार का कहना है कि ग्रेनो वेस्ट के खरीदार को लेकर रेरा का कोई फैसला शायद अभी नहीं आया है। इस फैसले ने बिल्डरों के सताए खरीदारों में न्याय मिलने की एक नई उम्मीद जगी है।
इस प्रकरण की अब तक मुझे जानकारी नहीं है। अगर रेरा की तरफ से ऐसा कोई आदेश जारी हुआ है तो उसका पालन किया जाएगा।-आरके अरोड़ा, सीएमडी, सुपरटेक