26 जनवरी हिंसा: गैंगस्टर लक्खा सिधाना की गिरफ्तारी पर रोक 20 तक बढ़ी, अदालत ने कहा- हम जेल भरो आंदोलन शुरू नहीं करना चाहते
दिल्ली पुलिस ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा है कि आरोपी गैंगस्टर था जो बाद में एक्टिविस्ट बन गया।
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अदालत ने शनिवार को गणतंत्र दिवस हिंसा मामले में कथित गैंगस्टर से राजनीति में आए लक्खा सिधाना की गिरफ्तारी से रोक 20 जुलाई तक बढ़ा दी। अदालत ने हम नहीं चाहते कि जेल भरो अंदोलन शुरू हो जाए, ये राजनीतिक मुद्दे हैं।
तीस हजारी की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामनी लाउ ने सिधाना को सुनवाई की अगली तारीख 20 जुलाई तक अंतरिम राहत देते हुए कहा कि वह उन चीजों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती, जहां उसे राहत देते समय मौलिक अधिकार शामिल हैं। यदि वे (प्रदर्शनकारी) मुद्दे पर जोर देना चाहते हैं तो क्या वे गलत हैं? अदालत ने सिधाना की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है।
अदालत ने इससे पूर्व 26 जून को सिधाना को तीन जुलाई तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। दिल्ली पुलिस ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा है कि आरोपी गैंगस्टर था जो बाद में एक्टिविस्ट बन गया। कोर्ट द्वारा सिधाना की हिरासत के संबंध में पूछने पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि आरोपी से पूछताछ करने के अलावा उसका फोन बरामद करना है।
इसके अलावा यह भी पता करना है कि 26 जनवरी को लाल किले में कथित गैरकानूनी रूप से एकत्रित होने के लिए किसने आह्वान किया था। जांच अधिकारी ने कहा कि आरोपी हिंसा में शामिल था और साजिश का पर्दाफाश करने के लिए हिरासत की जरूरत है।
अदालत ने उनका तर्क सुनने के बाद कहा कि घटना को पहले ही छह महीने बीत चुके हैं और पुलिस ने पहले ही आरोप पत्र दाखिल कर साजिश को दर्शा दिया है। इतना ही नहीं कुछ आरोपियों को जमानत भी दे दी गई है।
सिधाना के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि लाल किला की घटना में लक्खा सिधाना की कोई भूमिका नहीं है और यहां तक कि पुलिस ने यह भी स्वीकार किया है कि लाखा 26 जनवरी 2021 को कभी भी लाल किले में दाखिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वह एक किसान एवं एक्टिविस्ट है।
वहीं जांच अधिकारी ने कहा कि वह गैंगस्टर है और राजनीति में शामिल होना चाहता है और उसका खेती से कहीं भी संबंध नहीं है। उन्होंने कहा वह करीब 20 मामलों में शामिल है। अदालत ने पिछले महीने दीप सिद्धू और अन्य के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हिंसा से संबंधित एक मामले में आरोप पत्र का संज्ञान लिया था और उनके खिलाफ समन जारी किया था। आरोप पत्र में इस मामले में आरोपी के रूप में दीप सिद्धू और अन्य का नाम लिया गया है।
पहला आरोप पत्र 17 मई को तीस हजारी कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष दाखिल किया गया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के तौर पर दीप सिद्धू, इकबाल सिंह, मनिंदर मोनी और खेमप्रीत समेत 16 लोगों को नामजद किया है। दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह, दंगा, हिंसा, हत्या के प्रयास और डकैती से संबंधित विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। बाद में मामला दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया।
अपराध शाखा, विशेष सेल और स्थानीय पुलिस में कुल 43 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए और गणतंत्र दिवस हिंसा से संबंधित विभिन्न मामलों के सिलसिले में 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।