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Delhi NCR News: मायापुरी में अवैध स्क्रैप इकाइयों पर रिपोर्ट तलब
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एनजीटी ने सीपीसीबी, डीपीसीसी, डीडीए समेत अन्य संस्थाओं को जारी किया नोटिस
28 नवंबर से एक सप्ताह पहले पेश करनी होगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मायापुरी में अवैध स्क्रैप इकाइयों से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), जिला मजिस्ट्रेट (पश्चिमी) और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने इन्हें सुनवाई की अगली तारीख यानी 28 नवंबर से कम से कम एक सप्ताह पहले अदालत के समक्ष इस मामले में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
रिपोर्ट में एनजीटी ने पाया कि पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र फेज दो में पर्यावरण और सुरक्षा मानदंडों के बड़े पैमाने पर उल्लंघन से संबंधित है, जहां सैकड़ों अवैध कबाड़ इकाइयों की वापसी से कबाड़ बाजार एक बार फिर अराजकता में डूब गया है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश में कहा कि यह मामला वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 दिखाता है। साथ ही, खतरनाक व अन्य अपशिष्ट (प्रबंधन एवं सीमापार संचलन) नियम, 2016 और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़ा है।
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28 नवंबर से एक सप्ताह पहले पेश करनी होगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मायापुरी में अवैध स्क्रैप इकाइयों से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), जिला मजिस्ट्रेट (पश्चिमी) और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने इन्हें सुनवाई की अगली तारीख यानी 28 नवंबर से कम से कम एक सप्ताह पहले अदालत के समक्ष इस मामले में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
रिपोर्ट में एनजीटी ने पाया कि पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र फेज दो में पर्यावरण और सुरक्षा मानदंडों के बड़े पैमाने पर उल्लंघन से संबंधित है, जहां सैकड़ों अवैध कबाड़ इकाइयों की वापसी से कबाड़ बाजार एक बार फिर अराजकता में डूब गया है।
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एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश में कहा कि यह मामला वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 दिखाता है। साथ ही, खतरनाक व अन्य अपशिष्ट (प्रबंधन एवं सीमापार संचलन) नियम, 2016 और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़ा है।
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