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Delhi : प्रतिष्ठित पंजाबी लेखिका अजीत कौर को साहित्य अकादमी की महत्तर सदस्यता, अध्यक्ष ने किया सम्मानित

Fri, 20 Dec 2024 03:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 20 Dec 2024 03:41 AM IST
सार

कौर एक प्रख्यात पंजाबी कथा लेखिका, पत्रकार, अर्थशास्त्री, सांस्कृतिक प्रचारक, सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उन्हें पद्मश्री अलंकरण, साहित्य अकादमी पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।

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Renowned Punjabi writer Ajit Kaur honored with Sahitya Akademi Mahatar Membership
अजीत कौर सम्मानित - फोटो : PTI

विस्तार

साहित्य अकादमी ने प्रतिष्ठित पंजाबी लेखिका और विदुषी अजीत कौर को महत्तर सदस्यता से सम्मानित किया है। कौर एक प्रख्यात पंजाबी कथा लेखिका, पत्रकार, अर्थशास्त्री, सांस्कृतिक प्रचारक, सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उन्हें पद्मश्री अलंकरण, साहित्य अकादमी पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।

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शैली में स्पष्टता उन्हें सआदत हसन मंटो, राजिंदर सिंह बेदी, इस्मत चुगताई जैसे साहित्यिक दिग्गजों के साथ जोड़ती है। अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक ने बुधवार यह सम्मान देते हुए उन्हें स्वरूप ताम्र फलक और अंगवस्त्रम भेंट किया।
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दो दिवसीय कृष्णा सोबती जन्मशती संगोष्ठी शुरू
साहित्य अकादमी की तरफ से दो दिवसीय कृष्णा सोबती जन्मशती संगोष्ठी का बृहस्पतिवार आगाज हुआ। इसमें पहले दिन कृष्णा सोबती के जीवन और साहित्य पर विचार-विमर्श किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक ने की। इस दौरान गिरधर राठी ने बीज वक्तव्य दिया, जिसमें उन्होंने कृष्णा सोबती के साहित्य की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी के पहले सत्र में ''जिंदगीनामा के पुनर्पाठ'' पर चर्चा हुई।
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मृदुला गर्ग ने अध्यक्षता की और पॉल कौर, शाफे किदवई और सुकृता पॉल कुमार ने अपने आलेख प्रस्तुत किए। वहीं, दूसरे सत्र में कृष्णा सोबती के कथेतर गद्य पर चर्चा हुई। कृष्ण कुमार सिंह ने अध्यक्षता की और अर्पण कुमार, रोहिणी अग्रवाल और सूर्यनाथ सिंह ने अपने आलेख प्रस्तुत किए। शुक्रवार को आयोजन के दूसरे दिन कृष्णा सोबती के कथा साहित्य और उनके साहित्य में स्त्री विमर्श पर चर्चा होगी।

मिर्जा गालिब की याद में आयोजित महोत्सव का समापन
साहित्य कला परिषद की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘मिर्जा गालिब की याद में’ का समापन हो गया। इस दौरान ‘शमा हर रंग में जलती है सहर होने तक’ नामक कथक बैले की प्रस्तुति हुई। इस नृत्य-नाटिका को कथक नृत्यांगना पद्म भूषण डॉ. उमा शर्मा ने संकल्पित और कोरियोग्राफ किया। उनके साथ अन्नू जैन, सुकृति, वाणी बजाज, अनुष्का दत्ता, कामाक्षी, मुस्कान, श्रेया और वनिशा उप्पल की प्रस्तुति ने छटा बिखेरे रखी।


वहीं, उस्ताद इमरान खान की गायकी, मुबारक खान के तबला और खालिद मुस्तफा के सितार की संगत ने माहौल को और जीवंत बनाया। इस दौरान एसएम जहीर ने गालिब की भूमिका निभाई और पवन के वर्मा अपने प्रेरक वर्णन के जरिए गालिब की शायरी और उनके दर्शन को प्रस्तुत करते नजर आए। महोत्सव साहित्य प्रेमियों और गालिब के प्रशंसकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभ साबित हुआ।

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