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Delhi NCR News: परंपरा और आधुनिक सोच का संगम बना रेनेसां फेस्टिवल
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- नृत्य और अभिव्यक्ति के जरिए स्मृति, संघर्ष और मुक्ति की गूंज
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित रेनेसां फेस्टिवल 2026 का दो दिवसीय आयोजन बुधवार को कला और अभिव्यक्ति के अनूठे संगम के साथ संपन्न हुआ। लाइट सेंस आर्ट फाउंडेशन की ओर से मिलिंद श्रीवास्तव के निर्देशन में आयोजित इस फेस्टिवल ने दर्शकों को गहरे कलात्मक अनुभव से रूबरू कराया।
दूसरे दिन की प्रस्तुतियों का केंद्र स्मृति, प्रतिरोध और मुक्ति जैसे विषय रहे। कथक नृत्यांगना गौरी दिवाकर ने शास्त्रीय गरिमा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। वहीं ‘चेन्स: द अनटोल्ड पेन’, जिसकी परिकल्पना नंदा कुमार ने की, दासता और संघर्ष की मार्मिक कहानी को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया। कलाकारों ने बिना संवाद के देहभाषा और लय के जरिए पीड़ा और मुक्ति की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। फेस्टिवल ने यह साबित किया कि भारतीय प्रदर्शन कलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज और विचारों को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। दर्शकों की सराहना के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित रेनेसां फेस्टिवल 2026 का दो दिवसीय आयोजन बुधवार को कला और अभिव्यक्ति के अनूठे संगम के साथ संपन्न हुआ। लाइट सेंस आर्ट फाउंडेशन की ओर से मिलिंद श्रीवास्तव के निर्देशन में आयोजित इस फेस्टिवल ने दर्शकों को गहरे कलात्मक अनुभव से रूबरू कराया।
दूसरे दिन की प्रस्तुतियों का केंद्र स्मृति, प्रतिरोध और मुक्ति जैसे विषय रहे। कथक नृत्यांगना गौरी दिवाकर ने शास्त्रीय गरिमा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। वहीं ‘चेन्स: द अनटोल्ड पेन’, जिसकी परिकल्पना नंदा कुमार ने की, दासता और संघर्ष की मार्मिक कहानी को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया। कलाकारों ने बिना संवाद के देहभाषा और लय के जरिए पीड़ा और मुक्ति की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। फेस्टिवल ने यह साबित किया कि भारतीय प्रदर्शन कलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज और विचारों को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। दर्शकों की सराहना के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ।
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