फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Removed the saline from the walls in Delhi's Safdarjung Hospital and gave a stand to every patient

दिल्ली : सफदरजंग अस्पताल की दीवारों से सलाइन तो हटीं मगर फर्श का ‘इलाज’ नहीं

Wed, 27 Oct 2021 01:20 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Wed, 27 Oct 2021 01:20 PM IST
सार

सफदरजंग अस्पताल से संबंधित यह जानकारी शनिवार को अमर उजाला ने प्रकाशित की थी।

विज्ञापन
Removed the saline from the walls in Delhi's Safdarjung Hospital and gave a stand to every patient
सफदरजंग अस्पताल - फोटो : Social media

विस्तार

 दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दीवारों से सलाइन हटाकर हर मरीज को स्टैंड दिया जा रहा है लेकिन फर्श पर लेटे मरीजों को अभी भी बिस्तर की दरकार है। अमर उजाला ने शनिवार को सफदरजंग अस्पताल के मेडिसिन वार्ड के हालात बयां करती खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उस दौरान वार्ड के बाहर गैलरी में फर्श पर लेटे मरीजों के लिए दीवारों पर सलाइन की बोतलें टांग रखी थीं। नीचे मरीज बैठा हुआ है और उसे सलाइन चढ़ाई जा रही है। 
विज्ञापन


बिस्तरों का संकट अभी भी जस के तस बना हुआ
ऐसे दृश्य अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में दिख जाते हैं लेकिन देश की राजधानी के अस्पताल में भी इनकी तस्वीरें जब बाहर आईं तो अस्पताल प्रबंधन ने सलाइन दीवारों से हटाकर स्टैंड पर ही लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद मंगलवार को हर मरीज के पास एक स्टैंड दिखाई दिया जिस पर सलाइन टंगी हुई थी लेकिन बिस्तरों का संकट अभी भी जस के तस बना हुआ है। अस्पताल में अभी भी पर्याप्त बिस्तर न होने की वजह से फर्श पर ही मरीजों को रखना पड़ रहा है और रात में ठंड के वक्त इन मरीजों की परेशानी और बढ़ रही है।
विज्ञापन


डेंगू और मौसमी बीमारियों के काफी मरीज
अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि सीमित संसाधन के बीच डॉक्टर उपचार दे सकते हैं न कि बिस्तरों की जिम्मेदारी ले सकते हैं लेकिन सरकार को कोरोना महामारी की तरह इस समय भी अस्थायी केंद्रों का इस्तेमाल करना चाहिए। इस समय अस्पताल में बुखार, डेंगू और मौसमी बीमारियों के काफी मरीज हैं। इसका समाधान तभी है जब विशेषतौर पर सेवाएं दे जाएं जोकि अकेले अस्पताल के लिए संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed