{"_id":"5c841fc9bdec22143439bc1f","slug":"removed-5-lakhs-of-credit-card-from-aadhar-card","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे के आधार कार्ड से क्रेडिट कार्ड बना 5 लाख निकाले, जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे के आधार कार्ड से क्रेडिट कार्ड बना 5 लाख निकाले, जांच शुरू
Sun, 10 Mar 2019 01:49 AM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 10 Mar 2019 01:49 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंक कर्मचारी के आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर ठगों ने क्रेडिट कार्ड बना लिया और उससे पांच लाख रुपये की शॉपिंग व नकदी निकाल ली। जब कार्ड का बिल जमा करने को बैंककर्मी के पास फोन आया तो इसका पता चला। बैंक कर्मी ने कोतवाली सेक्टर-24 से शिकायत की है। पुलिस साइबर सेल की सहायता से इस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-12 निवासी प्रवीण कुमार निर्माण विहार, दिल्ली में एक बैंक में कार्यरत हैं। 31 दिसंबर को उनके भाई मनोज के पास एसबीआई से फोन आया था। कॉलर ने बताया कि प्रवीण ने पांच लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड से लोन लिया है, जो अभी तक नहीं भरा है। इसके बाद मनोज ने अपने भाई को बताया।
विज्ञापन
जब प्रवीण ने बैंक से इसकी शिकायत की तो जांच की गई। जांच में पता चला कि बैंककर्मी के नाम पर जो क्रेडिट कार्ड बनाया गया है। उस आवेदन में केवल प्रवीण के आधार कार्ड की फोटोकॉपी लगी थी। इसके बाद उनके ही नाम से पैन कार्ड था जिसमें उनकी फोटो और हस्ताक्षर नहीं थे। पुलिस पीतमपुरा ब्रांच से क्रेडिट कार्ड बनाए जाने में बैंक कर्मचारियों की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
विज्ञापन
सैलरी 20 हजार, क्रेडिट लिमिट 5 लाख
पुलिस जांच में पता चला कि पीड़ित प्रवीण प्राइवेट बैंक में नौकरी करता है और उसकी सैलरी 20 हजार रुपये है। इतनी सैलरी पर कार्ड की 5 लाख रुपये लिमिट थी। जबकि बैंक 20 हजार रुपये सैलरी वालों को 5 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट कभी नहीं देता।
इस मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध लग रही है। पुलिस साइबर सेल की मदद से मामले की जांच में जुटी है। - प्रदीप त्रिपाठी, एसएचओ, कोतवाली सेक्टर-24