'बातचीत से निकालें कश्मीर का हल, सरकार को जीतना होगा अवाम का भरोसा'
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जम्मू एवं कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर शनिवार को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल की ओर से एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।
इस मौके पर कश्मीर में शांति के लिए भारत सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर सवाल उठाते हुए काउंसिल के अध्यक्ष तौकीर रजा ने कहा कि बंदूक से किसी मसले का हल नहीं निकाला जा सकता है, बातचीत से कश्मीर में शांति की कोशिश की जाए।
तौकीर ने सेना पर अलगाववादियों पर कार्रवाई के बहाने कश्मीरी अवाम पर जुल्म करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कश्मीर में शांति कायम करने व आतंकवाद के खिलाफ 19 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा जिसमें देशभर से लोग हिस्सा लेंगे।
प्रेसवार्ता में तौकीर ने कहा कि मौजूदा समय में सेना और पुलिस ने कश्मीर में जो कार्रवाई की है, वह सही नहीं है। इस रवैया से वहां शांति बहाल नहीं हो सकती है।
'आवाम पर जुल्म करने वालो के खिलाफ हो कार्रवाई'
सेना के जिन जवानों ने बच्चों व महिलाओं पर जुल्म किए हैं, उनकी शिनाख्त कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिन लोगों की सेना व पुलिस की कार्रवाई में जान चली गई, उनके परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
तौकीर ने कहा कि वे नक्सलवादियों और आतंकियों का समर्थन नहीं करते हैं लेकिन सरकार को पहले कश्मीरी अवाम का भरोसा जीतना होगा। उन्होंने बताया कि कश्मीरी अवाम भी शांति चाहता है, इसके लिए उन्होंने तीर्थ यात्रा के लिए पहुंचे लोगों की मदद की मिसाल दी।
प्रेसवार्ता में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारूकी, एएमयू के प्रोफेसर उबैद इकबाल आसिम, डॉ. जरार अहमद और डॉ. हफीज-उर-रहमान भी मौजूद थे।