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फुटपाथ पर पैदल यात्रियों का हक, हटाए जाएं अतिक्रमण : सुप्रीम कोर्ट
Tue, 03 Sep 2019 06:34 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 03 Sep 2019 06:34 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के तमाम रिहायशी इलाकों में फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि फुटपाथ पर केवल पैदल यात्रियों का हक है। कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद फिर से फुटपाथ कब्जा करने वालों के घरों के बिजली, पानी, सीवर कनेक्शन काटने पर विचार करना चाहिए।
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जस्टिस अरुण मिश्रा व जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने सोमवार को नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी), उत्तरी दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली नगर निगम, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम और दिल्ली छावनी बोर्ड को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। सभी निकायों से अतिक्रमण करने वालों को 15 दिन के भीतर नोटिस भेजने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अपनी मर्जी से अतिक्रमण नहीं हटाने वालों से इसे हटाने का खर्च भी वसूला जाए।
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सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि दिल्ली में लोगों ने घरों के आगे स्थित फुटपाथों पर कब्जा कर लिया है। किसी ने बगीचा तो किसी ने सिक्योरिटी गार्ड के लिए केबिन बना लिया है। फुटपाथ पैदल यात्रियों के चलने के लिए है, न कि उस पर निर्माण करने के लिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सिक्योरिटी गार्ड के लिए केबिन घर या परिसर के अंदर ही बनाया जाना चाहिए।
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साथ ही रिहायशी कॉलोनी में एंबुलेंस, दमकल या पुलिस की गाड़ियों की सुगम आवाजाही के लिए एक लेन होना चाहिए। लेन के दोनों द्वारा पीली लाइन हो, जिसके अंदर वाहनों को पार्क किया जा सकता है। साथ ही इलाके में खुली जगह पर पार्किंग की सुविधा दी जा सकती है, इसके लिए मासिक शुल्क लिया जा सकता है।
पार्किंग की समस्या को बताया विकराल
पीठ ने राजधानी में पार्किंग की समस्या को विकराल बताते हुए दिल्ली मेंटेनेंस एंड मैनेजमेंट ऑफ पार्किंग रूल्स, 2019 के ड्राफ्ट रूल्स को अधिसूचित करने को के लिए कहा है। पीठ ने 30 सितंबर तक का वक्त दिया है। पीठ ने दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा कि अगर किसी ढांचे के निर्माण की अनुमति दी जाती है तो अगले 25 वर्षों तक पार्किंग की जरूरतों का आकलन करने के साथ ही इसकी व्यवस्था करेे। फुटपाथ पर पार्किंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। किसी भी हालत में इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।
सरकार को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
कोर्ट ने दिल्ली सरकार, नगर निगम और इपका को व्यावसायिक इलाकों या संस्थानों वाली जगह पर आरआईएफडी टैग, पार्किंग गाइडलाइंस व इंर्फोमेशन सिस्टम की उपयोगिता पर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।
सरकार को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
कोर्ट ने दिल्ली सरकार, नगर निगम और इपका को व्यावसायिक इलाकों या संस्थानों वाली जगह पर आरआईएफडी टैग, पार्किंग गाइडलाइंस व इंर्फोमेशन सिस्टम की उपयोगिता पर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।