आम आदमी के लिए राहत, मनमाने तरीके से बिजली कंपनियां नहीं कर पाएंगी लूट
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दिल्ली सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को एक और बड़ी राहत दी है। बिजली वितरण कंपनी अब मनमाने तरीके से उपभोक्ता का स्वीकृत लोड बढ़ा या घटा नहीं सकेंगे। पहले सबसे अधिक खपत वाले तीन महीने के बिजली उपभोक्ता से लोड बढ़ाया जाता था, अब ऐसा नहीं होगा।
अब बिजली कंपनी को लगातार चार महीने का चक्र बनाना होगा, जिसमें साल भर के चक्र बनेंगे। सबसे अधिक खपत वाले चार महीने के हिसाब से लोड बढ़ेगा या घटेगा। उपभोक्ताओं की शिकायत को देखते हुए दिल्ली सरकार ने दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग को नीति निर्देश इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2013 की धारा 198 में जारी करके कहा था कि प्रावधान में बदलाव करें।
शुक्रवार को डीईआरसी ने इसमें बदलाव कर दिए हैं। नए बदलाव के अनुसार बिजली वितरण कंपनी जो लोड बढ़ाने या घटाने का नोटिस प्रत्येक वित्त वर्ष में 31 मई तक देना होगा।
लोड घटा तो वितरण कंपनी उपभोक्ता को वापस करेगी जमा राशि
अगर कंपनी ऐसा नहीं करती है तो संबंधित उपभोक्ता को इसके बदले 500 रुपये का मुआवजा भी चुकाना होगा। अभी उपभोक्ताओं की शिकायत रहती थी कि कब लोड बढ़ाते-घटाते हैं, पता नहीं चलता।
डीईआरसी के संशोधन के अनुसार उपभोक्ता से स्वीकृत लोड और बढ़ाए गए लोड के चार्ज का अंतर तभी वसूला जाएगा, यदि वितरण कंपनी ने इसके लिए तार बदला हो। अगर 5 किलोवाट तक का लोड स्वीकृत है और नए वित्त वर्ष में उससे कम लोड आता है तो ऑटोमैटिक लोड कम हो जाएगा।
लोड घटता है तो वितरण कंपनी उपभोक्ता को जमा सुरक्षा राशि उसी तरह से वापस भी करेगा।