Delhi: यमुना बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को राहत, हाईकोर्ट ने डीडीए से कही यह बात
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उच्च न्यायालय ने डीडीए अधिकारियों को मजनू का टीला में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी शिविर के प्रस्तावित विध्वंस के संबंध में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने 4 मार्च के सार्वजनिक नोटिस के खिलाफ एक याचिका पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है जिसमें निवासियों से शिविर खाली करने के लिए कहा गया है, अन्यथा इसे ध्वस्त कर दिया जाएगा।
Delhi High Court directs DDA (Delhi Development Authority) to not undertake any demolition against the Pakistani Hindu refugees who have been living in Yamuna floodplains since 2011.
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A petition has been filed in the High Court challenging the March 4 notice asking the residents… pic.twitter.com/Zd9xWNYhHR
— ANI (@ANI) March 13, 2024
मंगलवार को पारित एक अंतरिम आदेश में अदालत ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित पाकिस्तानी नागरिकों को समर्थन देने के एक अन्य मामले में केंद्र की ओर से पहले एक बयान दिया गया था। अदालत ने तत्कालीन अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की ओर से दिए गए बयान पर विचार करते हुए कहा था कि केंद्र हिंदू समुदाय को सभी समर्थन देने का प्रयास करेगा जो पाकिस्तान से भारत में प्रवेश कर चुके हैं।