फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Relief in Delhi-NCR: PM 10 has decreased by 17% in the last 7 years

दिल्ली-एनसीआर में राहत: बीते 7 साल में पीएम 10 में 17 फीसदी की आई कमी, फिर भी देश में सबसे प्रदूषित

Wed, 15 Apr 2026 02:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन राजपूत, दिल्ली
नितिन राजपूत, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 15 Apr 2026 02:06 AM IST
सार

यह जानकारी सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के एक अध्ययन में सामने आई है। राहत की बात होने के बावजूद दिल्ली और एनसीआर के शहर अब भी देश के सबसे प्रदूषित इलाकों में शामिल हैं।

विज्ञापन
Relief in Delhi-NCR: PM 10 has decreased by 17% in the last 7 years
demo - फोटो : ANI

विस्तार

राजधानी में पिछले सात वर्षों के दौरान हवा में मौजूद धूल और धुएं के कण (पीएम10) में 17 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। यह जानकारी सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के एक अध्ययन में सामने आई है। राहत की बात होने के बावजूद दिल्ली और एनसीआर के शहर अब भी देश के सबसे प्रदूषित इलाकों में शामिल हैं। यह अध्ययन नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के सात साल पूरे होने पर किया गया है। इसमें 2025-26 तक के एयर क्वालिटी डाटा का विश्लेषण शामिल है।

विज्ञापन


पीएम10 ऐसे सूक्ष्म कण होते हैं, जो हवा में मौजूद धूल, धुआं और कालिख से बनते हैं। ये कण सांस के जरिये शरीर में प्रवेश कर सकते हैं और फेफड़ों तथा सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में पीएम10 का स्तर 2017-18 के 241 से घटकर 2025-26 में 201 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रह गया। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले इसमें 2 फीसदी की मामूली कमी आई है।
विज्ञापन


एनसीआर के अन्य शहरों की बात करें तो गाजियाबाद सबसे ज्यादा प्रदूषित पाया गया, जहां पीएम 10 का स्तर 215 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। इसके बाद दिल्ली 201 और नोएडा 195 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर का स्थान रहा। मेरठ चौथे स्थान पर रहा, जहां पीएम10 का स्तर 158 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


नोएडा में 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज
रिपोर्ट में बताया गया कि गाजियाबाद में 2017-18 के मुकाबले 24% की सबसे ज्यादा कमी आई है, जबकि नोएडा में 15% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद इन शहरों में प्रदूषण का स्तर राष्ट्रीय मानकों 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से काफी अधिक है। 2024-25 के मुकाबले देश के 60 शहरों में पीएम10 का स्तर कम हुआ लेकिन 30 शहरों में यह बढ़ गया। 27 शहरों में 40 फीसदी से ज्यादा की कमी दर्ज की गई। 


देहरादून इस मामले में सबसे आगे रहा, जहां 75 फीसदी की कमी देखी गई। विशाखापत्तनम में प्रदूषण में 73 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुग्राम मार्च महीने में देश का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर रहा। यहां पीएम2.5 का औसत स्तर 116 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed