{"_id":"69beaf6cb4bfa4c9dd06c603","slug":"relief-for-neet-pg-candidates-allowed-to-participate-in-spmd-counselling-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-128821-2026-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: नीट-पीजी अभ्यर्थियों को राहत, एसपीएमडी काउंसलिंग में भाग लेने की मिली अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: नीट-पीजी अभ्यर्थियों को राहत, एसपीएमडी काउंसलिंग में भाग लेने की मिली अनुमति
विज्ञापन
-कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ सीट आवंटित होना यह साबित नहीं करता कि उम्मीदवार किसी पोस्टग्रेजुएट कोर्स में पढ़ाई कर रहा है
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने नीट-पीजी 2025 के उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि स्ट्रे वैकेंसी राउंड (एसवीआर) में सीट मिलने के बाद उसमें शामिल न होने पर उन्हें अन्य काउंसलिंग से बाहर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ सीट आवंटित होना यह साबित नहीं करता कि उम्मीदवार किसी पोस्टग्रेजुएट कोर्स में पढ़ाई कर रहा है।अदालत ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज द्वारा 5 और 6 मार्च 2026 को जारी आदेशों को रद्द कर दिया। साथ ही, याचिकाकर्ताओं को प्रायोजित पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी (एसपीएमडी) काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति दे दी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि एसवीआर सीट पर शामिल न होने के कारण उनकी सिक्योरिटी फीस जब्त की जा सकती है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा कि सीट आवंटन और सीट पर जॉइन करना दोनों अलग बातें हैं। जब तक कोई उम्मीदवार वास्तव में कोर्स जॉइन नहीं करता, तब तक उसे कोर्स कर रहा नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि नियमों की सख्त व्याख्या होनी चाहिए और प्रशासन अपनी तरफ से नए नियम जोड़कर उम्मीदवारों पर अतिरिक्त पाबंदी नहीं लगा सकता।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने नीट-पीजी 2025 के उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि स्ट्रे वैकेंसी राउंड (एसवीआर) में सीट मिलने के बाद उसमें शामिल न होने पर उन्हें अन्य काउंसलिंग से बाहर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ सीट आवंटित होना यह साबित नहीं करता कि उम्मीदवार किसी पोस्टग्रेजुएट कोर्स में पढ़ाई कर रहा है।अदालत ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज द्वारा 5 और 6 मार्च 2026 को जारी आदेशों को रद्द कर दिया। साथ ही, याचिकाकर्ताओं को प्रायोजित पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी (एसपीएमडी) काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति दे दी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि एसवीआर सीट पर शामिल न होने के कारण उनकी सिक्योरिटी फीस जब्त की जा सकती है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा कि सीट आवंटन और सीट पर जॉइन करना दोनों अलग बातें हैं। जब तक कोई उम्मीदवार वास्तव में कोर्स जॉइन नहीं करता, तब तक उसे कोर्स कर रहा नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि नियमों की सख्त व्याख्या होनी चाहिए और प्रशासन अपनी तरफ से नए नियम जोड़कर उम्मीदवारों पर अतिरिक्त पाबंदी नहीं लगा सकता।