जेटली की पोटली पर आज होंगी सबकी निगाहें, मिलेंगी इन चीजों में राहत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली बृहस्पतिवार को आम बजट पेश करेंगे। इस बार बजट में टैक्स के बोझ से राहत मिलने की उम्मीद सभी लगाए बैठे हैं।
जीएसटी लागू होने के बाद पहले आम बजट पर जहां उद्योगपतियों, आम आदमी और गृहणियों की नजर रहेगी। वहीं, मंदी की मार का सामना कर रहे रियल एस्टेट कारोबारियों, स्वास्थ्य और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को भी राहत का इंतजार है।
सरकार किसे राहत देगी और किस मद में टैक्स बढ़ाएगी, इस पर आम से लेकर खास तक की नजरें टिकी हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोग वित्त मंत्री से क्या-क्या उम्मीदें लगाए हुए हैं, इसको लेकर पेश है रिपोर्ट:-
बजट से उद्योग जगत को आस
'नोटबंदी और इसके तुरंत बाद जीएसटी लागू होने से उद्योग जगत में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। सरकार इस बजट में उद्योगों को राहत देने वाले फैसले लेगी।
कॉरपोरेट टैक्स घटाने के साथ नई इकाइयों की स्थापना पर टैक्स की दरें घटाई जा सकती हैं। निवेश को बढ़ावा देने में जुटी मौजूदा सरकार का ध्यान इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के मौके बढ़ाने पर भी हो सकता है।
छोटे उद्योगों के लिए कैपिटल लोन की राह आसान होने की उम्मीद है।' - लव मल्होत्रा, एमएसएमई अवार्ड विजेता।
गांव-किसान पर होगा फोकस
फरवरी को पेश होने वाला बजट अहम इसलिए भी है क्योंकि यह मौजूदा सरकार का अंतिम पूर्णकालिक बजट होगा। ऐसे में इसे चुनावी बजट की तरह भी देखा जाना चाहिए।
गुजरात चुनाव में ग्रामीण अचल में मिली कड़ी चुनौती का असर भी इस बजट में देखा जा सकता है। उम्मीद है कि एकीकृत राष्ट्रीय बाजार को बढ़ावा इस बजट में मिलेगा।
खाद और बीज पर सब्सिडी बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास पर भी इस बजट में फोकस रहने की पूरी उम्मीद है। - मनवीर भाटी, किसान नेता ।
व्यापारियों को राहत की उम्मीद
नोटबंदी की मार से परेशान रहे व्यापारियों को इस बार बजट से बड़ी आस है। मौजूदा समय में जीएसटी व्यापार जगत के लिए बड़ी उलझन का कारण बनी हुई है।
निश्चित तौर पर सरकार अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी को सरल तरीके से लागू करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। छोटे व रोजमर्रा की जरूरत के सामान को कर के दायरे से बाहर रखे जाने की उम्मीद भी है।
भारतीय बाजार में बढ़ते विदेशी दखल पर अंकुश लगाने के साथ देश के खुदरा व्यापार को बढ़ावा दिए जाने की उम्मीद है। - नरेश कुच्छल, उ.प्र. उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल मंडल।
मध्यवर्गीय परिवार को मिले राहत
'उम्मीद है कि इस बार सरकार मध्यम वर्गीय परिवार का भी बजट में ध्यान रखेगी। नौकरीपेशा वर्ग को आयकर में छूट की सीमा बढ़ने की इस बार पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही घर का सपना पूरा हो इसके लिए होम लोन की ब्याज दरों में भी छूट मिलनी चाहिए। ऐसा होने से न केवल आशियाने का सपना पूरा होगा बल्कि मंदी की मार से जूझ रहे रियल एस्टेट सेक्टर को भी रफ्तार मिलेगी।' - विरेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष फोनरवा