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दिल्ली के बिजली क्षेत्र की नियामकीय संपत्ति में पांच साल में आयी 3029 करोड़ रुपये की गिरावट
Sun, 08 Sep 2019 08:33 PM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 08 Sep 2019 08:33 PM IST
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दिल्ली में बिजली क्षेत्र की नियामकीय संपत्ति में पिछले पांच साल के दौरान 3,029 करोड़ रुपये की कमी आयी है। इससे राज्य सरकार को बिजली की दरें नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी। एक अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी।
देल्ही डॉयलॉग एंड डेवलपमेंट कमिशन के वाइस चेयरमैन जैस्मिन शाह ने कहा कि पिछले पांच साल में दिल्ली में बिजली की दरें लगातार कम हुई हैं और अभी देश में सबसे कम है। इसके साथ ही बिजली वितरण कंपनियों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई है।
दिल्ली सरकार के बिजली मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि 2008-09 से 2014-15 के दौरान तीनों वितरण कंपनियों की सम्मिलित नियामकीय संपत्ति 937 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,406 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। इसके बाद इसमेंकमी आनी शुरू हुई और यह 3,029 करोड़ रुपये कम होकर 2018-19 में 8,377 करोड़ रुपये पर आ गयी।
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उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने 200 यूनिट तक की मासिक खपत को पूरी तरह नि:शुल्क कर दिया है। इसके अलावा 201 से 400 यूनिट की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है।
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देल्ही डॉयलॉग एंड डेवलपमेंट कमिशन के वाइस चेयरमैन जैस्मिन शाह ने कहा कि पिछले पांच साल में दिल्ली में बिजली की दरें लगातार कम हुई हैं और अभी देश में सबसे कम है। इसके साथ ही बिजली वितरण कंपनियों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई है।
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दिल्ली सरकार के बिजली मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि 2008-09 से 2014-15 के दौरान तीनों वितरण कंपनियों की सम्मिलित नियामकीय संपत्ति 937 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,406 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। इसके बाद इसमेंकमी आनी शुरू हुई और यह 3,029 करोड़ रुपये कम होकर 2018-19 में 8,377 करोड़ रुपये पर आ गयी।
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उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने 200 यूनिट तक की मासिक खपत को पूरी तरह नि:शुल्क कर दिया है। इसके अलावा 201 से 400 यूनिट की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है।