लिम्का बुक में दर्ज है नाम, पारस फिर बनाएंगे रिकॉर्ड
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वायलिन वादन, सितार वादन में रिकॉर्ड बनाने के बाद पारसमणि चौधरी ने एक और रिकॉर्ड बनाने की ओर कदम बढ़ाया है। दिल्ली के पारसमणि अब गिटार वादन का रिकॉर्ड ध्वस्त कर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराएंगे।
इसके लिए उन्होंने बृहस्पतिवार से चित्तरंजन पार्क, के-ब्लॉक स्थित पूर्बोश्री महिला समिति हॉल में गिटार बजाने की शुरुआत कर दी। पारस रविवार तक 72 घंटे गिटार बजाएंगे।
पंडित रविशंकर को आदर्श मानने वाले पारसमणि ने 14 वर्ष की उम्र से ही पद्मविभूषण पंडित देबू चौधरी से संगीत की शिक्षा ली है।
सितार और वायलिन बजाने का तोड़ चुके हैं रिकॉर्ड
36 वर्षीय पारस कहते हैं कि ‘मैं केवल रिकॉर्ड बनाने के लिए कई सालों से गायन, वायलिन, सितार और गिटार वादन का रियाज़ कर रहा हूं’।
यदि वह रिकॉर्ड बना लेते हैं, तो लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में यह उनका तीसरा रिकॉर्ड होगा। इससे पहले पारस ने 2011 में लगातार 50 घंटे वायलिन बजाकर 32 घंटे का पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था।
2009 में लगातार 92.35 घंटे सितार बजाकर पूर्व के 90 घंटे का रिकॉर्ड तोड़कर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।