फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Refusal to consider another petition to remove Kejriwal from the post of CM

Delhi NCR News: केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाने संबंधी एक और जनहित याचिका हाईकोर्ट से खारिज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Apr 2024 06:47 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
कहा, कभी-कभी व्यक्तिगत हित को राष्ट्रीय हित के अधीन करना पड़ता है लेकिन यह केजरीवाल का निजी फैसला
अमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली, 04 अप्रैल
उच्च न्यायालय ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) नेता अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटाने के निर्देश देने की मांग वाली एक और जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार करने से इनकार कर दिया।
हिंदू सेना नामक संगठन के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता द्वारा दायर याचिका में दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी गिरफ्तारी का हवाला देते हुए केजरीवाल को हटाने की मांग की गई थी।
विज्ञापन

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने कहा कि यह केजरीवाल का निजी फैसला होगा कि उन्हें मुख्यमंत्री बने रहना है या नहीं। पीठ ने टिप्पणी की कि कभी-कभी व्यक्तिगत हित को राष्ट्रीय हित के अधीन करना पड़ता है लेकिन यह उनका (केजरीवाल का) निजी फैसला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालाँकि, पीठ ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह इस मामले पर निर्णय नहीं ले सकता है और इस मुद्दे पर निर्णय लेना दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) या भारत के राष्ट्रपति पर निर्भर है।
हम यह कैसे घोषित कर सकते हैं कि सरकार काम नहीं कर रही है? एलजी इस पर निर्णय लेने में पूरी तरह सक्षम हैं। उन्हें (एलजी) हमारे मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं है। हम उन्हें सलाह देने वाले कोई नहीं हैं। उन्हें जो भी करना होगा वह कानून के अनुसार करेंगे।
पीठ ने कहा याचिकाकर्ता राष्ट्रपति या एलजी से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र है जो इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए सक्षम प्राधिकारी हैं।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।
गौरतलब है कि केजरीवाल को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटाने की यह दूसरी जनहित याचिका है जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
इससे पहले 28 मार्च को उच्च न्यायालय ने सुरजीत सिंह यादव द्वारा दायर इसी तरह की जनहित याचिका को खारिज कर दिया था।
हाई कोर्ट ने तब कहा था कि इस मुद्दे की जांच करना कार्यपालिका और राष्ट्रपति का काम है और कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
गुप्ता ने 21 मार्च से केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाने के निर्देश देने की मांग की, जिस दिन केजरीवाल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था।

याची ने तर्क रखा था कि यदि मुख्यमंत्री ऐसे तरीके से कार्य करते हैं जो कानून के शासन का उल्लंघन करता है और उनके प्रति व्यक्त संवैधानिक विश्वास का उल्लंघन करता है। उस स्थिति में मुख्यमंत्री के कार्यालय से उनकी बर्खास्तगी भारत के संविधान के अनुच्छेद -164 में बाधित है। इसलिए केजरीवाल भ्रष्टाचार के आरोप और परिणामस्वरूप उनकी गिरफ्तारी के लिए संवैधानिक विश्वास के उल्लंघन का दोषी है।

----------

सिंघल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed