केंद्र व दिल्ली को फटकार, प्रदूषण का कुछ करें
खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान वायु प्रदूषण को सुधारने के संबंध में केंद्र सरकार व विभिन्न विभागों द्वारा कोई योजना पेश न करने पर भी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि दिल्ली के अलावा एनसीआर की योजना तैयार कर उसका पालन करवाएं।
अदालत ने केंद्र व दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि स्वच्छ पर्यावरण बनाने की दिशा में वे ठोस कदम नहीं उठा रहीं। खंडपीठ ने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो हम अवमानना की कार्रवाई के लिए मजबूर हो जाएंगे।
अदालत ने कहा कि हमने 21 दिसंबर को आदेश दिया था और उसके तहत केंद्र ने पड़ोसी राज्यों व संबंधित एजेंसियों की बैठक तक नहीं बुलाई गई।
लगता है अधिकारी अपने मंत्री की भी नहीं सुनते
उन्होंने कहा कि अप्रैल 2015 को पर्यावरण मंत्री ने प्रदूषण पर मास्टर प्लान बनाने के लिए बैठक बुलाई थी, लेकिन अभी तक प्लान नहीं बना। लगता है अधिकारी अपने मंत्री की भी नहीं सुनते।
अदालत ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी इस दिशा में ठोस काम न करने पर फटकार लगाई। वहीं नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा फरीदाबाद में सड़क निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल को नियंत्रण न करने पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि निर्माण कार्य में धूल उड़ने से प्रदूषण फैलता है।
अदालत ने सभी विभागों को नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर उनके नाम अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सभी को 28 जनवरी तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का भी आदेश दिया है।